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सोशल मीडिया पर अब एक ही सवाल, कौन होगा ‘डुमरी का अगला लाल’- हेमंत कैबिनेट में अब किसके सिर सजेगा सेहरा

RAJESH TIWARY

Ranchi: डुमरी(गिरिडीह) के लोग गमगीन हैं. उनका चहेता और सबके बीच ‘टाइगर’ की पहचान रखने वाले दुलरूआ विधायक रहे जगरनाथ महतो अब नहीं हैं. 6 अप्रैल को चेन्नई में इलाज के क्रम में उनकी मृत्यु हो गयी. सात अप्रैल को उन्हें मुखाग्नि भी बेटे के हाथों मिल गयी. इसके बाद से सबके जेहन में एक ही सवाल उठ रहा है कि डुमरी का अगला लाल कौन होगा? विधानसभा में डुमरी की आवाज कौन बनेगा? मंत्री के तौर पर हेमंत कैबिनेट में किसकी जगह बनेगी.

छोटानागपुर प्रमंडल में झामुमो का झंडाबरदार अब कौन होगा? इन सारे सवालों पर न केवल उनके चाहने वालों में बल्कि, सोशल मीडिया पर भी सवालों का सिलसिला शुरू हो चुका है. अपने-अपने तर्क गढ़े जाने लगे हैं.

अब तक पांच बार हो चुके हैं उपचुनाव

2019 में झारखंड विधानसभा चुनाव हुए थे. इसके बाद से अब तक पांच बार उपचुनाव हो चुके हैं. चार बार सत्तारुढ़ महागठबंधन को सफलता मिली है. जबकि एकबार एनडीए प्रत्याशी ने जीत हासिल की है. उपचुनाव के रिकॉर्ड को देखें तो कहा जा रहा है कि महागठबंधन डुमरी सीट पर जगरनाथ महतो के बेटे अखिलेश महतो उर्फ राजू महतो या उनकी पत्नी बेबी देवी पर दांव खेल सकता है. मधुपुर में पूर्व मंत्री हाजी हुसैन अंसारी के निधन पर उनके बेटे हफीजुल अंसारी को टिकट दिया गया. मंत्रीमंडल में जगह भी दी गयी. वहीं, दुमका में मुख्यमंत्री द्वारा अपनी दूसरी सीट छोड़े जाने पर उनके छोटे भाई बसंत सोरेन ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. बेरमो में पूर्व मंत्री और विधायक रहे राजेंद्र सिंह के मौत के बाद उनके बेटे अनुप सिंह को जनता ने वोट दिया और जीत दिलायी.  मांडर में पूर्व मंत्री और विधायक रहे बंधु तिर्की की सदस्यता रद्द होने के बाद उनकी बेटी नेहा तिर्की को मांडर का विधायक बनाया गया. रामगढ़ में ममता देवी के जेल जाने के बाद उसके पति बजरंग महतो को कांग्रेस ने टिकट दिया लेकर कांग्रेस को आजसू से हार का सामना करना पडा. इस रिकॉर्ड को देखते हुए सोशल मीडिया पर चर्चा है कि जगरनाथ महतो के परिजनों पर ही महागठबंधन भरोसा जतायेगा. इस सीट के लिए राज्य मे होने वाले छठे उपचुनाव में टाइगर के ही करीबी को टिकट मिलेगा.

मंत्री पद के लिये इनकी दावेदारी

सोशल मीडिया और डुमरी की जनता के बीच हेमंत कैबिनेट में मंत्री पद के लिये भी सवालों का दौर शुरू है. लोग मानकर चल रहे हैं कि पूर्व मंत्री हाजी हुसैन के बेटे हफीजुल हसन की तर्ज पर जगरनाथ महतो के परिजनों को भी मौका मिल सकता है. हालांकि, कहा जा रहा है कि 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद हेमंत सरकार में मथुरा प्रसाद महतो मंत्री पद की रेस में एक मजबूत नाम थे. इसके अलावा झामुमो उन कुरमी नेताओं पर भी दांव खेल सकता है जो पार्टी के लिए उपयोगी साबित हों.

इधर, लोग मान कर चल रहे हैं कि सीएम हेमंत चार बार विधायक रहे जगरनाथ महतो के ही किसी करीबी को डुमरी से विधानसभा भेजेंगे. सोशल मीडिया पर उनके एक पोस्ट को इसका आधार बनाया जा रहा है. सात अप्रैल को सीएम ने जगरनाथ महतो के परिजनों से मुलाकात की थी. उनकी पत्नी को सांत्वना देते हुए कहा था कि वे चिंता न करें. पूरा झामुमो परिवार माटीपुत्र जगरनाथ जी के परिजनों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा. इसके बाद से यह कयास लगाया जा रहा है कि डुमरी की बागडोर जगरनाथ महतो के ही परिवार में किसी के हाथ थमायी जायेगी.

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