
Akshay Kumar Jha
Ranchi/Bokaro: एक मार्च की सुबह खबर आयी कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 50 रुपए और कॉमर्शियल गैस की कीमत में 350 रुपए की वृद्धि हो गयी. सोशल मीडिया पर महंगाई से आजिज लोगों ने पोस्ट करना शुरू कर दिया और 50 रुपए की वृद्धि को लेकर तरह-तरह की बातें होने लगी. ये तो हुई गैस सिलेंडर की बात. लेकिन किसी सरकारी भवन के निर्माण कार्य में किस तरह झारखंड सरकार वृद्धि कर रही है, उसकी एक बानगी है आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण कार्य. हाल ही में ग्रामीण विकास विभाग, विशेष प्रमंडल, बोकारो की तरफ से अखबारों के जरिए एक टेंडर निकाला गया है. बोकारो जिला में 18 जगहों पर आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण होना है. जिसमें एक आंगनबाड़ी का बजट 15,00,400 रखा गया है. जबकि दो साल पहले ही इसी विभाग की तरफ से 6.53 लाख रुपए एक आंगनबाड़ी केंद्र बनाने का प्रावधान था. मतलब दो सालों में विभाग मानता है कि महंगाई इतनी बढ़ गयी कि एक ही जैसे भवन के लिए बजट में 8.5 लाख की वृद्धि कर दी जाए.
इसे भी पढ़ें: पुलिस हिरासत से वारंटी को छुड़ाने के मामले में रामेश्वर महतो को हाई कोर्ट से मिली जमानत
23 अप्रैल 2020 के आदेश 6,53,512 रुपए होगा एक आंगनबाड़ी का बजट
ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार की तरफ से विशेष कार्य पदाधिकारी की तरफ से 23 अप्रैल 2020 को एक चिट्ठी निकाली गयी. इस चिट्ठी में सभी जिला के डीसी को निर्देश दिया गया कि एक आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण 6,53,512 रुपए में हो जाना चाहिए. जिसमें दो लाख रुपए महिला बाल विकास विभाग की तरफ से और बाकी के 4,53,512 रुपए मनरेगा की मद से खर्च होगा. इसमें भी 54 हजार रुपए मनरेगा की मजदूरी के लिए तय किया गया था. लेकिन चिट्ठी के असर में आते-आते आंगनबाड़ी निर्माण कार्य की कीमत बढ़कर 15,00,400 रुपए हो गया.
मनरेगा आयुक्त ने बढ़ा कर किया 10 लाख का बजट
बीते 19 फरवरी 2023 को मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी की तरफ से सभी जिलों के डीसी को चिट्ठी लिखी गयी. चिट्ठी में यह निर्देश दिया गया कि आंगनबाड़ी निर्माण कार्य का बजट 6,53,512 रुपए से बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिया गया है. जिसमें 8 लाख रुपए ग्रामीण विकास विभाग की तरफ से दिए जाएंगे और दो लाख रुपए महिला बाल विकास की ओर से दिए जाने का प्रावधान बनाया गया. मनरेगा और महिला बाल विकास की आसीडीएस (समेकित बाल विकास कार्यक्रम) योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन किया जाता है. इस आदेश के बाद ग्रामीण विकास विभाग या फिर मनरेगा की तरफ से किसी तरह का कोई आदेश आंगनबाड़ी निर्माण कार्य के लिए नहीं निकाला गया है. फिर भी बोकारो में जो 18 आंगनबाड़ी का निर्माण होना है उसका बजट बढ़ा कर 15,00,400 रुपए कर दिया गया. सीधा 8.5 लाख की वृद्धि.
बजट को और भी बढ़ाने की तैयारी, बंदरबांट और कमीशनखोरी का होगा खेल!
हाल के दिनों में ईडी के ग्रमीण विकास विभाग के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के यहां दबिश और उसके खुलासे से कमीशनखोरी का पर्दाफाश हुआ है. इधर अचानक से आंगनबाड़ी निर्माण में 8.5 लाख की बढ़ोतरी से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं. कहा जा रहा है कि क्या सच में निर्माण कार्य के मेटेरियल के दाम इतने बढ़ गए है कि एक ही जैसे भवन के लिए 8.5 लाख रुपए की बढ़ोतरी की जाए. निर्माण कार्य में अब ऐसी कौन सी सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा जिससे कीमत में 8.5 की बढ़ोतरी हो जाएगी.या फिर कहीं सारा खेल बंदरबांट और कमीशनखोरी का तो नहीं.




