
Ranchi : वर्ष 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा कार्यकर्ता के साथ मारपीट करने एवं जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करते हुए गाली गलौज करने मामले में की गयी प्राथमिकी को निरस्त करने को लेकर दाखिल कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह की याचिका की सुनवाई झारखंड हाइकोर्ट में सोमवार को हुई. हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल किया गया. कोर्ट ने अगली सुनवाई अप्रैल माह में निर्धारित की. तबतक कोर्ट ने मामले में दीपिका पांडे के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक जारी रखी है. राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता मनोज कुमार ने पैरवी की.
आरोप है कि वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा कार्यकर्ता प्रबोध सोरेन एजेंट को ठीक करने के लिए चुनाव बूथ पर जा रहा था. उस दौरान दीपिका पांडे व अन्य कार्यकर्ता गाड़ी से पहुंचे और उसके साथ मारपीट की और जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करते हुए उसके साथ गाली गलौज की. मामले को लेकर गोड्डा जिला के ठाकुरगंगटी थाने में दीपिका पांडे सिंह सहित 9 लोगों के खिलाफ कांड संख्या 18/2020 दर्ज करायी गयी थी. इसी एफआइआर को निरस्त करने को लेकर दीपिका पांडे की ओर से हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है.
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