
Ranchi: राज्य विद्युत नियामक आयोग अप्रैल माह तक नयी बिजली दरें घोषित करेगा. नियामक आयोग की मानें तो मार्च के अंत तक नयी दरों के लिये जनसुनवाई की जायेगी. जनसुनवाई की बहस के बाद आयोग बिजली दरें घोषित करेगा. फिलहाल आयोग जेबीवीएनएल के प्रस्ताव का अध्ययन कर रहा है. जिसके बाद जनसुनवाई की जायेगी. नियामक आयोग की मानें तो नयी बिजली दरें तय करने के पहले आयोग जनसुनवाई करता है. जिसमें आम जनता, उद्यमी, जेबीवीएनएल प्रतिनिधि समेत अन्य सेक्टर के लेागों को शामिल किया जाता है. जनसुनवाई के नतीजों पर ही बिजली दरें तय की जाती है. बता दें साल 2020 के बाद से राज्य में नयी बिजली दरें तय नहीं हुइ्र. पिछले साल नवंबर में जेबीवीएनएल ने आयोग को टैरिफ प्रस्ताव दिया था. आयोग इस बार साल 2023-24 के प्रस्ताव पर कार्यरत है. साथ ही इस साल नयी दरें भी तय करने के बाधित है.
20 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव
जेबीवीएनएल के प्रस्ताव में 20 फीसदी बिजली वृद्धि की बात कही गयी है. वितरण निगम ने वित्तीय वर्ष 2023-2024 के लिए राज्य विद्युत नियामक आयोग में वार्षिक राजस्व रिपोर्ट (एआरआर) दाखिल की है, जिसके आधार पर टैरिफ प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी. वार्षिक राजस्व रिपोर्ट में बिजली वितरण निगम ने 7400 करोड़ का घाटा दिखाया है. इसमें वित्तीय वर्ष 2020-2021 में 2200 करोड़, वित्तीय वर्ष 2021-2022 में 2600 करोड़ और वित्तीय वर्ष 2022-2023 में 2500 करोड़़ का घाटा दिखाया गया है. 2023-2024 के लिए दाखिल टैरिफ पीटिशन में बिजली वितरण निगम ने 20 प्रतिशत तक दर में बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है.
झारखंड में तीन साल से नहीं बढ़ा दर
बीते तीन सालों से बिजली की दर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. कोरोना काल में सरकार ने कोई बढ़ोतरी नहीं की. जबकि विद्युत नियामक आयोग में अधिकारियों की नियुक्ति नहीं रहने के कारण साल 2020 के बाद से राज्य में टैरिफ दर निर्धारण नहीं किया गया. इलेक्ट्रिसिटी नियमों की मानें तो आयोग में एक सदस्य रहने भी नयी दरें तय हो सकती है. लेकिन साल 2020 से नियामक आयोग में अध्यक्ष और सदस्य पद खाली हो गये. पिछले साल मई में राज्य सरकार ने अध्यक्ष और दो सदस्यों की बहाली आयोग में की. जानकारी हो कि इसके पहले दिये प्रस्तावांे को आयोग निष्पादित कर रहा है.
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