
Ranchi : राज्य में बिजली आपूर्ति के लिये आने वाले समय में बिजली उत्पादक कंपनियों की निर्भरता खत्म हो जायेगी. चतरा टंडवा स्थित एनटीपीसी पावर स्टेशन बन कर तैयार है. पिछले दिनों पावर स्टेशन का ट्रायल भी कर लिया गया है. अगामी साल के फरवरी माह तक इस पावर प्लांट को विधिवत शुरू करने की योजना है. जिससे राज्य को लगभग पांच सौ मेगावाट बिजली मिलेगी. इससे बिजली खरीद के लिये जेबीवीएनएल की अन्य कंपनियों पर निर्भरता खत्म हो जायेगी. साल 2021 में ही पावर प्लांट शुरू करने का लक्ष्य रखा गया था. लेकिन कोविड महामारी के कारण एनटीपीसी लक्ष्य प्राप्त नहीं कर सकी. ऐसे में अब साल 2023 में प्लांट से बिजली उत्पादन शुरू करने की बात कही जा रही है.
तीन यूनिट से 1950 मेगावाट बिजली उत्पादन
पावर प्लांट में तीन यूनिट बनायी गयी है. प्रत्येक यूनिट से 800 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. हालांकि कंपनी की ओर से अभी प्रति यूनिट 650 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. ऐसे में प्लांट से लगभग 1950 मेगावाट बिजली उत्पादन हो पायेगा. पांच सौ मेगावाट राज्य को बिजली मिलेगी. इसके लिये ट्रांसमिशन लाइन बनाया गया है. जिसे चतरा गढ़वा से जोड़ते हुए लाइन को सेंट्रल पुल से जोड़ा गया है. बता दें इस प्लांट का शिलान्यास साल 1999 में तत्कालिन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था.
1450 मेगावाट बिजली केंद्रीय पुल को दी जायेगी: वहीं, 1450 मेगावाट केंद्रीय पूल में दे दी जायेगी, जिससे अन्य राज्यों को बिजली मिलेगी. ऐसे में राज्य में बिजली की अधिकतम आपूर्ति इस पावर प्लांट से पूरी हो पायेगी. उर्जा विभाग का आंकलन है कि आने वाले समय में राज्य में बिजली की खपत लगभग 2500 मेगावाट होगी. ऐसे में सौर उर्जा के साथ अपने स्रोतों से बिजली आपूर्ति पर बल दिया जा रहा है. वर्तमान में राज्य में औसतन मांग लगभग 1900 मेगावाट है.
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