
Nikhil Kumar
Ranchi : राज्य में मिलावटी शराब बेचने और इसके पीने से किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो ऐसा करनेवाले को दस साल की जेल और दस लाख तक का जुर्माना भरना होगा. शराब में हानिकारक औषधि या विजातीय घटक मिलाने पर कड़े दंड का प्रावधान किया गया है. झारखंड के राज्यपाल की आपत्ति के बाद सरकार ने झारखंड उत्पाद अधिनियम में संशोधन किया है. उत्पाद विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट की सहमति भी मिल गयी है. शराब की बिक्री से लेकर पूरे कारोबार पर निगरानी के लिए उड़नदस्ता का गठन किया जायेगा. यह उड़नदस्ता शराब विक्रेता से लेकर अधिकारियों, कर्मियों तक निगरानी रखेगा. कहीं गड़बड़ी हुई तो करवाई की जायेगी. मिलावटी शराब बेचने से अगर किसी व्यक्ति को गंभीर हानि हुई तो बेचनेवाले को दस साल जेल और जुर्माने व निर्धारित मुआवजा की राशि से दंडित किया जायेगा. इसी तरह मिलावटी शराब से थोड़ा नुकसान हुआ तो ऐसा कारावास जिसकी सजा, 10 साल हो तो 2.50 लाख जुर्माना, कोई नुकसान नहीं हुआ तो 7 साल सजा और एक लाख जुर्माना होगा. नकली, अवैध शराब बेचने और इसके पीने से गंभीर नुकसान होने पर दोषी व्यक्ति द्वारा 5 लाख तक और मदिरा के सेवन से मौत होने पर 10 लाख तक का क्षतिपूर्ति मुआवजा दिया. वहीं दोषी व्यक्ति के द्वारा पीड़ित को मुआवजा भुगतान नहीं किया जाता तो कानून की प्रक्रिया के अनुसार उसकी चल अचल संपत्ति जब्त की जायेगी.
मदिरा स्थल से दूसरी जगह शराब पी तो पांच हजार तक जुर्माना
संशोधन के अनुसार मदिरापान के लिए स्वीकृत अनुभत्ती परिसर के अतिरिक्त किसी अन्य मदिरापान यंत्री में शराब पीते पकड़े गये या मदिरापान करने के लिए आयोजन के लिए दूसरी जगह जाने पर 5000 तक जुर्माना लग सकता. जुर्माना दोष साबित होने के बाद ही लिया जायेगा. किसी तरह का अपराध होने पर 1 वर्ष तक जेल और ₹10000 तक का जुर्माना होगा. यह राशि 2 साल के जेल होने पर 20 हजार और 50000 तक हो सकती है. लोक सेवकों द्वारा किस अधिनियम के किसी उपबंध के उल्लंघन की स्थिति में भी 3 माह तक जेल या जुर्माना ₹10000 तक हो सकता है.
सार्वजनिक स्थल पर बार-बार शराब पी तो 3 साल जेल
सार्वजनिक स्थलों जैसे शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, घाट, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, आम रास्ते में नशे में चूर पाया गया तो उसे प्रथम अपराध मानते हुए ₹1000 से दंडित किया जायेगा, दूसरी बार ₹5000 तक तथा फिर से अपराध करने पर जुर्माना राशि ₹5000 से कम नहीं होगी. ₹10000 तक अधिकतम होगा और 3 साल का कारावास भी होगा. दवा दुकान पर शराब पीने पर 5000 जुर्माने को बढ़ा कर 10000 किया गया. शराब को एमआरपी से अधिक कीमत पर नहीं बेचना है.
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