
Ranchi: झारखंड बिजली वितरण निगम ने 24 घंटे बिजली बहाल करने के लिये तमाम कोशिश की. सरकार ने भी समय समय पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति की बात कहीं. पर 47 लाख उपभोक्ताओं को 24 घंटे बिजली नसीब नहीं हुई. आलम ये है कि वर्तमान में राज्य भर में आठ से सात घंटे की बिजली कटौती जारी है. जबकि सिर्फ बिजली व्यवस्था दुरूस्त करने के लिये सलाह लेने के नाम पर निगम ने 15 करोड़ रूपये खर्च किये. इसकी जानकारी निगम के ऑडिट रिपोर्ट से हुई. जिससे जानकारी होती है कि बिजली व्यवस्था दुरूस्त करने के लिये समय समय पर एजेंसियों, संस्थाओं और अन्य राज्यों से सलाह लिये गये, जिसपर 15 करोड़ रूपये खर्च हुए. जानकारी हो कि पिछले कुछ समय से राज्य में बिजली व्यवस्था सुचारू नहीं है. हालांकि, निगम ने समय समय दावा किया कि बिजली आपूर्ति सामान्य की जायेगी. ऊर्जा सचिव सह सीएमडी जेयूयूएनएल ने भी महाप्रबंधकों को बिजली आपूर्ति सामान्य करने का आदेश दिया. इसके बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ.
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खर्च में हुआ इजाफा: निगम के प्रशासनिक खर्च में भी इस दौरान इजाफा देखा गया. जो लगभग 33.92 करोड़ का रहा. पहले ये खर्च 181.13 करोड़ हुआ करता था. जो अब 215.03 करोड़ हो गया. वहीं, बिजली व्यवस्था दुरूस्त करने के लिये कानूनी मामलों को सुलझाने के लिये 4.34 करोड़ रूपये खर्च किये गये. वहीं, अधिकारियों के क्षेत्र भ्रमण के नाम पर चार करोड़ रूपये खर्च हो गये. जिसमें गाड़ियों में 2.60 करोड़ रूपये और प्रिटिंग और स्टेशनरी में डेढ़ करोड़, विज्ञापन में 38 लाख रुपए खर्च किए गए.
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टेलीफोन का खर्च हुए तीन करोड़: ऑडिट रिपोर्ट से जानकारी मिलती है कि निगम का टेलीफोन खर्च सिर्फ तीन करोड़ रूपये है. फीस के रूप में 20 लाख रूपये का भुगतान किया गया. इंश्योरेंस में 21.50 लाख और प्रोफेशनल चार्ज के रूप में 52 लाख रुपए खर्च किये गये. जानकारी हो कि पिछले दिनों राज्य में बिजली संकट ने गंभीर रूप लिया था. इस दौरान निगम की ओर से सेंट्रल पावर एक्सचेंज से बिजली खरीद कर आपूर्ति की गयी. हालांकि 12 से 15 रूपये प्रति यूनिट बिजली खरीदने के बाद भी निगम को मात्र सौ मेगावाट बिजली ही मिली. जो डिमांड से कम रहा.




