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पंचायत चुनाव पर टाना भगतों की आपत्ति पर मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ अधिकारी रखे हुए हैं नजर

Ranchi :  टाना भगत पंचायत चुनाव का विरोध कर रहे हैं. पांचवीं अनुसूची का हवाला देते वे पारंपरिक व्यवस्था को अपनाए जाने की मांग कर चुके हैं. इस पर सीएम सहित राजभवन की भी नजर है. टाना भगतों ने चुनाव के विरोध में अलग ही रास्ता अख्तियार कर रखा है.

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लातेहार समाहरणालय तीन दिन तक ठप रखा था

इसे लेकर उन्होंने लातेहार समाहरणालय को भी 26 अप्रैल से तीन दिनों से अधिक समय तक ठप कर दिया था. समाहरणालय में धरना की वजह से वहाँ कामकाज प्रभावित हो रहा था. 30 अप्रैल को आखिरकार लातेहार डीसी अबू इमरान सामने आये थे और उनसे संवैधानिक तरीके से अपनी मांग को रखने की बात कही थी. साथ ही सरकार तक उनकी बातों को ले जाने को आश्वस्त किया था.

इधर टाना भगतों के जोरदार आंदोलन की खबर पर खुद सीएम हेमन्त सोरेन, पंचायती राज मंत्री आलमगीर आलम समेत राज्य के कई उच्च अधिकारियों ने टाना भगतों के मांगों के सम्बन्ध में जानकारी ली थी. मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, राज्यपाल के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी, मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद ने भी अबु इमरान से फोन पर जानकारी ली थी.

इससे पता लगता है कि मुख्यमंत्री समेत राज्य के उच्च अधिकारी हालात पर लगातार नजर रख रहे थे. टाना भगतों का धरना समाप्त कराने को सहमत कराने में विधायक लातेहार बैद्यनाथ राम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. अब टाना भगत उम्मीद कर रहे कि उनकी मांगों पर सरकार नये सिरे से विचार जरूर करेगी.

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