
Jamshedpur : शहर में जानवर पालने का प्रचलन पिछले कुछ वर्षों से तेजी से बढ़ा है. खासकर, कोरोनाकाल में लॉकडाउन के दौरान डॉग और कैट पालनेवालों की संख्या में दोगुना से अधिक इजाफा हुआ है. इसकी वजह घर बैठे-बठे बोरियत महसूस होना भी मानी जा रही है. इस वजह से अधिकांश लोगों ने डॉग और कैट पालना शुरू कर दिया. जाहिर तौर पर ऐसे लोग इन पेट एनिमल के सही तरीके से रख-रखाव और देखभाल में भी कोई कसर नहीं छोड़ते हैं. लेकिन फिलहाल गर्मी के मौसम में शहर का पारा जिस कदर दिन-ब-दिन चढ़ रहा है उसका जीव-जंतुओं पर भी असर हो रहा है. ऐसे में यदि आप भी डॉग-केट पालते हैं तो सावधान हो जाइये, क्योंकि गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी डॉग और कैट जैसे पेट एनिमल के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.
आइए जानते हैं क्या है जाने-माने वेटनरी डॉक्टर वीके सिंंह की सलाह
गर्मी के इस मौसम में जानवर पालनेवालों को किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए. इसे लेकर न्यूज विंग ने शहर के जाने-माने वेटनरी चिकित्सक डॉ वीके सिंह से बात की. उन्होंने सिलसिलेवार ढंग से इस मौसम में जीव-जंतुओं के रख-रखाव को लेकर अहम जानकारियां साझा की. डॉ वीके सिंह ने बताया कि उनकी बातों पर अमल करते हुए यदि जीव-जंतुओं का ख्याल रखा जाय तो इस प्रचंड गर्मी में उनका आसानी से पालन-पोषण किया जा सकता है. नहीं तो थोड़ी सी लापरवाही भी घातक ही नहीं बल्कि जीव-जंतुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.
इन बातों का रखें विशेष ख्याल
- अपने पेट एनिमल को हीट बेव यानि लू से हर हाल में बचायें. डॉग और कैट को इस मौसम में आउटडोर में नहीं ले जाएं.
- पेट एनिमल को बंद कार में कभी भी नहीं छोड़े. यह उसके लिए जानलेवा साबित हो सकता है.
- गर्मी में जीव-जंतुओं के शरीर पर घांस या दूसरे जानवरों से टिक्स, माइल्स और फ्ली आ जाता है. इससे खासकर डॉग को बचाएं. क्योंकि इससे जानलेवा बीमारी हो सकती है.
- डॉग और कैट का रेगुलर ग्रूमिंग करना जरूरी है. उन्हें साफ-सुथरा कर सूखा रखना जरूरी है.
- कोशिश करें कि उन्हें सुबह में जल्द और देर रात भी जल्द ही खाना दें. उसी तरह डॉग को वॉकिंग के लिए भी जल्द ही लेकर जाएं.
- इस मौसम में उन्हें खाने के लिए फलों में तरबूज, खीरा और संतरा दिया जा सकता है.
- सप्ताह में एकबार नहलाएं और पंजे की साफ-सफाई और सूखा रखने पर विशेष ध्यान दें.
- डॉग के शरीर में पसीना की ग्रंथि नहीं होती. इस वजह से उसे गर्मी के मौसम में हीट स्ट्रोक लगने का चांस बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. इसे लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
- यदि उसके मुंह से बहुत ज्यादा लार निकलता है और वह हांफ रहा हो तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं.
- डॉग को कूलर में नहीं रखें. उसे एसी या फैन के हवा में रखें.
- एडबेस्टस या टीना शेड में भी डॉग या कैट को नहीं रखें. ध्यान रखें कि जिस कमरे में उसे रखते हैं उसकी उंचाई 12 से 15 फीट से ज्यादा होनी चाहिए और वह कमरा हवादार होना चाहिए.
- डॉग और कैट के लिए उमस और गर्मी जानलेवा है. इससे हर हाल में उसे बचाएं.
- उनके शरीर का तापमान हमेशा चेक करते रहें. यदि डॉग या कैट के शरीर का तापमान 102.5 डिग्री से ज्यादा हो तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.
- कभी भी नहलाने के बाद डॉग या कैट को धूप में नहीं ले जायें. यह पूरी तरह से जानलेवा साबित हो सकता है.
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गर्मी के इस मौसम में जानवर पालनेवालों को किस तरह की सावधानी बरतनी चाहिए. इसे लेकर न्यूज विंग ने शहर के जाने-माने वेटनरी चिकित्सक डॉ वीके सिंह से बात की. उन्होंने सिलसिलेवार ढंग से इस मौसम में जीव-जंतुओं के रख-रखाव को लेकर अहम जानकारियां साझा की. डॉ वीके सिंह ने बताया कि उनकी बातों पर अमल करते हुए यदि जीव-जंतुओं का ख्याल रखा जाय तो इस प्रचंड गर्मी में उनका आसानी से पालन-पोषण किया जा सकता है. नहीं तो थोड़ी सी लापरवाही भी घातक ही नहीं बल्कि जीव-जंतुओं के लिए जानलेवा साबित हो सकती है.


