
Ranchi: झारखंड ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) का अब तक वित्तीय वर्ष 2020-21 का ऑडिट बैलेंस रिपोर्ट जमा नहीं किया है. एक साल से अधिक समय से बैलेंस रिपोर्ट नहीं दिए जाने को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि ऑडिट बैलेंस रिपोर्ट जमा नहीं करने की स्थिति में झारखंड को फंड रिलीज नहीं किया जायेगा. वित्तीय मुद्दे पर केंद्र सरकार ने समीक्षा की थी, जिसमें यह पाया गया था कि वित्तीय वर्ष 2020-21 का ऑडिट बैलेंस रिपोर्ट अभी तक सबमिट नहीं किया गया है. झारखंड के अधिकारियों ने बताया कि अभी तक ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट सौंपी नहीं है. पूरे मामले पर केंद्रीय कमेटी ने झारखंड के अधिकारियों से ऑडिटर नियुक्ति का समय पूछा.
यह जानकारी दी गयी कि नवंबर माह में ऑडिटर्स की नियुक्ति की गयी है और इसके बाद ही झारखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यो व इसमें खर्च आदि की वित्तीय ऑडिट शुरू हुई है. केंद्रीय कमेटी ने इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऑडिटर्स को नियुक्ति आदेश हर हाल में अप्रैल-मई माह तक कर देना चाहिए और ऑडिट रिपोर्ट हर हाल में सितंबर माह तक जमा कर देना चाहिए. केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया है और केंद्रीय निदेशक वित्त को निर्देश दिया है कि स्टेट रूरल डेवलपमेंट ऑथॉरिटी के इन सारे कार्यो की समीक्षा करें और पूरी रिपोर्ट दें कि किन कारणों से ऑडिट रिपोर्ट जमा करने में देरी हो रही है.
बैंक इंटरेस्ट का वेरिफिकेशन रिपोर्ट भी जमा नहीं कराया
झारखंड ने विगत 10 सालों का बैंकों में रखे पैसे से मिलने वाले ब्याज के वेरिफिकेशन रिपोर्ट भी अब तक जमा नहीं कराया है. केंद्र ने इसे भी गंभीरता से लिया है. केंद्र ने कई माध्यमों से राज्य के अधिकारियों को इस बाबत पत्र भी लिखा है. बावजूद इसके रिपोर्ट जमा करने में देरी हुई है. झारखंड के अधिकारियों को 2010-11 से 2020-21 तक का रिपोर्ट जल्द जमा करने को कहा है.




