
Jamshedpur : होमगार्ड अधिनियम 1946-47 और 1962-63 में संशोधन करने की मांग को लेकर देशभर के 8 लाख होमगार्ड जवानों ने राष्ट्रपति, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को डाकघर के माध्यम से पत्राचार करना शुरू कर दिया है. यह अभियान 31 दिसंबर 2021 से 15 जनवरी 2022 तक चलाया जायेगा. इसको लेकर बिष्टूपुर पोस्ट ऑफिस के समीप होमगार्ड जवान शुक्रवार को एकजुट हुए और सभी ने महामहिम को पत्र लिखकर अभियान की शुरुआत की.
जमशेदपुर में हैं 1800 होमगार्ड
जमशेदपुर में 1800 होमगार्ड के जवान हैं. पूरे झारखंड में 29000 हैं. स्वयंसेवक का दर्जा होने से उनसे स्वयंसेवी की तरह कार्य कराया जाता है जिस वजह से उन्हें स्वास्थ्य, सुरक्षा, इंश्योरेंस, पेंशन सहित कई मूलभूत सुविधायें नहीं मिल पाती है. होमगार्ड से स्वयंसेवक का दर्जा हटाते हुए लोक सेवक, राज्य अथवा केंद्र कर्मी का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं. आजादी के बाद से ही देश के सुरक्षा बलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आपदाओं में साथ कार्य करते हैं.

कम मानदेय पर करते हैं काम
होमगार्डों का कहना है कि उन्हें मानदेय के रूप में 300, 500 और 700 रुपये ही दिये जाते हैं. ऐसे में उन्हें परिवार का पेट चलाने में भारी कठिनाइयां होती है. वे सरकार की ओर से मिलने वाली सभी तरह की सुविधायें से वंचित रह जाते हैं.
ये थे शामिल
सुदर्शन प्रसाद गुप्ता, हरेकृष्णा सिंह, ओम प्रकश सिंह, राहुल गिरि, रामनारायण गदुबे, पंकज झा, सोनाराम गोप, उमेश प्रसाद हगुप्ता, जोगिंद्र सिंह, राजकरण सिंह, संजय हांसदा, अंजना नंदन पांडेय आदि शामिल थे.
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