
Raj Kishor
Jamshedpur : आखिरकार रविवार को वह मौका आ ही गया, जिसका क्रिकेट प्रेमी वर्षों से इंतजार कर रहे थे. ऐसा हो भी क्यों नहीं? एक तो टी-20 वर्ल्ड कप का शुरुआती मैच. उसपर भारत-पाकिस्तान की टीम की इतने वर्षों बाद मैदान पर सीधी भिड़ंत. इसका भारत और पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के क्रिकेट प्रेमियों का हमेशा से ही बेसब्री से इंतजार रहता था. साथ ही इस मैच का किसी और का भी बेसब्री से इंतजार था तो वह हैं सट्टेबाज. लौहनगरी के सट्टा बाजार पर करीब से नजर रखने वालों की मानें तो भारत-पाकिस्तान के मैच को लेकर शहर में करीब 100 करोड़ से अधिक का सट्टा लगा है. इसकी वजह क्रिकेट में सट्टेबाजी के बढ़ते प्रचलन के साथ सट्टेबाजी का तौर-तरीका बदलना भी है. अब किसी को सट्टेबाजी के लिए कहीं जाकर दांव लगाने की जरुरत नहीं है. क्योंकि सारा खेल ही मोबाइल एप के जरिए होता है. यही वजह है कि शहर के हर चौक-चौराहे और बाजार-दुकान में एक ओर जहां मैच में दोनों टीमों में एक की हार-जीत की चर्चा चल रही है. वहीं, चौक-चौराहों से लेकर गली-मुहल्ले, घरों तक में सट्टेबाजी के शौकीन मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के उतरने से पहले अपनी तैयारियां में जुट गए हैं.
सट्टेबाजी के बाजार भाव के हिसाब से भारतीय टीम आगे
इस बीच सट्टेबाजी के बाजार भाव को जानने वालों की मानें तो मैच शुरु होने के करीब डेढ़ से दो घंटे पहले तक 55-56 के हिसाब से भारतीय टीम सट्टेबाजों की नजर में आगे रही. मसलन यदि कोई भारतीय टीम की जीत पर 100 रुपया लगाता है तो उसका दांव सही बैठने पर उसे 156 रुपये की कमाई होगी. जबकि पाकिस्तान टीम पर 100 रुपया का दांव लगाने वाले का यदि दांव ठीक बैठा तो उसे 155 रुपया मिलेगा. वहीं किसी का दांव सही नहीं बैठा तो उसका जिस टीम का जो भाव है उसके मुताबिक उसके रुपये डूब भी जाएंगे. इस बीच सट्टेबाजी खेलने वालों मैच के बीच में अपना ऑप्सन बदलने का भी मौका मिलता है, जिसे सट्टेबाजों के लहजे में सेशन खेलना, ओवर टू ओवर या बॉल टू बॉल भी कहा जाता है.
ऐसे होता है सारा खेल
सारा खेल गुगल के जरिए मोबाइल पर एप डाउनलोड कर होता है. गोल्ड एक्सचेंज, डायवर्सन, डिवीजन जैसे कई एप हैं जिसे डाउनलोड करने के बाद उस पर पेमेंट करने का ऑप्सन आने के साथ व्हाट्सएप नंबर भी आ जाता है. सट्टेबाजी के शौकीन उस एप को डाउनलोड कर ऑनलाइन पेमेंट कर देते हैं. फिर उसका स्क्रीन शॉट व्हाट्सएप के माध्यम से बुकी को भेज देते हैं. उसके बाद पेमेंट करने वाले व्यक्ति को उस ग्रुप में एड कर दिया जाता है. इसका मतलब उसका पैसा एड हो गया, वह आगे उस ग्रुप में सट्टे का खेल खेल सकता है. वैसे अधिकांश लोगों की इस पर भी नजर है कि मैच के बाद कौन माला-माल होता है और कौन कंगाल बन जाता है.
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