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प्रदेश कांग्रेस में कमेटी गठन को लेकर सरगर्मी बढ़ी, गुटबाजी भी हुई तेज

Ranchi : विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा है. गहमागहमी जारी है. प्रदेश से लेकर पार्टी आलाकमान तक इसमें हिसाब किताब आंक रहा है. अब इस बीच झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के गठन को लेकर पार्टी के अंदर राजनीतिक सरगर्मी और जोड़-तोड़ का दौर भी शुरू हो गया है. कहा जा रहा है कि पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने केशव महतो कमलेश के साथ मिल कर कमेटी को अंतिम रूप दे दिया है.

प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव तथा विधायक दल के नेता आलमगीर आलम से भी सहमति ले ली है. सूची को दिल्ली भेज दिये जाने की भी खबर है.

प्रदेश प्रभारी आरपीएन सिंह और 10 जनपथ तक यह पहुंच चुका है. अब इंतजार है कि आलाकमान जल्द इस पर फैसला लेकर इस पर अंतिम मुहर लगाये.

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चार वर्षों से कमेटी गठन का अटका है मसला

करीब चार वर्षों से राज्य में प्रदेश कांग्रेस का गठन नहीं हो पाया है. ऐसे में अब आलाकमान के पास सूची पहुंचने की खबर के बाद से संगठन में पद की इच्छा रखनेवाले पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं में होड़ मच गयी है. फिलहाल प्रदेश कांग्रेस और इसके संगठन में कार्यकर्ता से ज्यादा नेता हैं.

आम कार्यकर्ताओं की भूमिका इसमें नगण्य ही है. दबी जुबान से पार्टी के नेता ही मानते हैं कि संगठन में आम कार्यकर्ताओं को तरजीह नहीं दी जाती है. कुछ चुनिंदा नेताओं की ही इसमें पूछ है. अब एक बार फिर से ऐसे ही नेता नयी सूची में पद पाने की जुगाड़ में लग गये हैं.

कांग्रेस नेताओं को जैसे ही कमेटी की विस्तार की खबर मिली वैसे ही नेता हरकत में आ गये हैं. अब उनका दिल्ली दरबार लगने लगा है. दिल्ली जाकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साध कर कमेटी में स्थान पाने की जुगाड़ में लग गये हैं.

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अध्यक्ष को लेना है निर्णयः राजेश

राजेश ठाकुर ने इस मसले पर न्यूज विंग से कहा कि सूची के संबंध में औपचारिक निर्णय प्रदेश अध्यक्ष को लेना है. सूची को अंतिम रूप देकर इसको आगे भेजने का दायित्व उनका है.

10 दिनों पहले जोनल को-ऑर्डिनेटर से सूची मांगी गयी थी. इसे फाइनल करने से पहले पार्टी के सभी सांसदों, विधायकों व कार्यकारी अध्यक्षों से भी रायशुमारी लेनी थी.

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