
PATNA: बिहार में कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच सरकार ने एक बार फिर से सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. नीतीश सरकार ने सावन और बकरीद जैसे मौके पर लोगों की भीड़ ना हो इसके लिए सख्त नियम बनाए हैं इन सख्त नियमों के तहत बकरीद के मौके पर जहां लोग सामूहिक रूप से नमाज नहीं पढ़ सकेंगे तो वहीं सावन के महीने में शिवालयों में होने वाली पूजा पर भी रोक लगाने का फैसला किया गया है. बकरीद को लेकर पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को पुलिस अधीक्षक और तमाम पदाधिकारियों के साथ बैठक की.
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बैठक के बाद निर्देश जारी करते हुए डीएम ने बताया कि कोविड नियम का पालन करते हुए बकरीद की नमाज सिर्फ घरों में पढ़ी जा सकती है किसी मस्जिद में नमाज पढ़ने की इजाजत सरकार की तरफ से नहीं दी जाएगी.
बकरीद के मौके पर सार्वजनिक समारोह पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी इसके लिए सभी पदाधिकारियों को निर्देश दे दिया गया है. वहीं सावन में लगने वाले मेले पर भी प्रतिबंध रहेगा. कोविड गाइडलाइंस के तहत किसी भी सार्वजनिक मेला या समारोह पर पाबंदी रहेगी साथ मंदिरों में कावड़ ले जाने पर भी रोक लगाई गई है. मंदिरों में पहली सोमवारी से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है.
बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष अखिलेश कुमार जैन ने जानकारी दी कि बिहार सरकार ने एक सीडी जारी की है जिसमें अगस्त महीने तक किसी भी तरह के धार्मिक कार्यक्रम और उसके आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है.
दरअसल कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं को देखते हुए सरकार सख्ती से कोरोना गाइडलाइंस का पालन करा रही है क्योंकि जिस तरीके से कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को नुकसान पहुंचाया, ना जाने कितने लोगों की जान गई, सरकार नहीं चाहती की इस तरह के सार्वजनिक मेले का आयोजन करके तीसरी लहर को आमंत्रण दिया जाए. यही वजह है कि बकरीद और सावन महोत्सव से जुड़े किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा.
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