JharkhandLead NewsNationalNEWSRanchiTOP SLIDER

News Wing Impact: इंटरनेशनल फुटबॉलर संगीता को तीन दिन में एक लाख रुपये देगी झारखंड सरकार, डे बोर्डिंग सेंटर धनबाद की कोच नियुक्त होंगी

केंद्रीय खेल मंत्रालय पहले ही कर चुका है वित्तीय सहायता की घोषणा

Ranchi :  इंटरनेशनल फुटबॉल खिलाड़ी संगीता सोरेन के दिन बहुरने वाले हैं. ईंट भट्ठे में मजदूरी करके घर परिवार का हाथ बंटा रही बाघमारा (धनबाद) में रहने वाली इस खिलाड़ी की मदद के लिये केंद्र सरकार आगे आयी है. केंद्रीय खेल मंत्री किरण रिजीजू ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए कहा है कि उन्हें संगीता के बारे में पता चला है. भारतीय टीम की ओऱ से इंटरनेशनल लेवल पर खेल चुकी इस खिलाड़ी के सामने कोरोना महामारी के समय में आर्थिक तंगी है. उनके कार्यालय ने संगीता से संपर्क किया है. जल्दी ही उसे आर्थिक औऱ अन्य मदद दी जायेगी.

इधर, संगीता की खबर सामने आने और केंद्रीय खेल मंत्रालय की पहल के बाद राज्य सरकार भी एक्टिव हो गयी है. खेल विभाग (झारखंड सरकार) ने अपनी ओर से खिलाड़ी कल्याण कोष से उसे 1 लाख रुपये मदद देने पर सहमति बनायी है. यह पैसा उसे 3 दिनों के भीतर दे दिये जाने की उम्मीद है. बाघमारा बीडीओ, सीओ ने रविवार को संगीता के घर जाकर उससे भेंट की थी. उसे आर्थिक सहायता और तत्काल राशन मुहैया कराये जाने को आश्वस्त किया.बीसीसीएल में आउटसोर्स से नौकरी के प्रस्ताव को उसने ठुकरा दिया. लड़कियों के लिये फुटबॉल का एक डे-बोर्डिंग सेंटर धनबाद में खेल विभाग तैयार करेगा. इसमें उसे एक कोच के तौर पर शामिल किया जायेगा ताकि उसे सपोर्ट मिल सके.

न्यूज विंग में छपी थी खबर

अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल प्लेयर संगीता सोरेन ईंट भट्ठा में काम कर परिवार चलाने को मजबूर

गौरतलब है कि 23 मई को न्यूज विंग में संगीता कुमारी औऱ उसकी बदहाल स्थिति के बारे में खबर सामने आयी थी. रगुणी बासमुड़ी (रेंगनी पंचायत, धनबाद) की रहने वाली संगीता की दयनीय हालत को देखते हुए खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चार महीने पहले ट्वीट कर सरकारी मदद औऱ नौकरी का आश्वासन दिया था. यह अब तक पूरा नहीं हो पाया है. दो पैसे की आस में संगीता फिलहाल ईंट भट्ठा में अपनी मां के संग खट रही है. कोरोना काल में जारी लॉकडाउन में दिहाड़ी मजदूरी करने वाले बड़े भाई को कोई काम नहीं मिल रहा है. इसे देखते हुए परिवार का पूरा बोझ संगीता पर ही आ गया है. पिता दुबे सोरेन शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं.

इसे भी पढ़ेः IPL फिर होगा शुरू, 8 दिन में 16 मैच, जानिये क्या है शेडयूल

कौन हैं संगीता

बाघमारा की रेंगनी पंचायत के बांसमुड़ी गांव की रहनेवाली संगीता 2018-19 में अंडर 17 में भूटान और थाईलैंड में हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल चैंपियन में खेली थी. झारखंड का मान बढ़ाया था. संगीता ने जीत के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया था. संगीता के पिता के मुताबिक उन्हें उम्मीद थी कि उसकी बेटी फुटबॉल की अच्छी खिलाड़ी है. सरकार कोई नौकरी जरूर देगी. लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला है. विधायक मथुरा महतो से भी कोई मदद ढंग से नहीं मिली है.

इसे भी पढ़ेःCBSE 12th Exam 2021 को ले 30 मई तक राज्यों से मांगे लिखित जवाब, जानिये कब होगा फैसला

Related Articles

Back to top button