
Ranchi: झारखंड में पुलिसिंग का हाल बुरा हो चला है. आईपीएस अधिकारियों की कमी की वजह से झारखंड पुलिस के हर विंग की हालत खराब है. सीआईडी हो या एसीबी या फिर झारखंड जगुआर. आईपीएस अधिकारियों की कमी की वजह हर विंग का काम प्रभावित हो रहा है.
प्रभार में चल रहा है आईजी का पद
आईपीएस अधिकारियों की कमी की वजह से कई स्थानों पर पोस्टिंग नहीं हो पा रही है. आईजी का पद प्रभार में ही चल रहा है. कई प्रमुख पद प्रभार में चल रहे हैं तो कई पदों पर प्रोन्नति के लिए अफसरों की संख्या कैडर पोस्ट के लिहाज से भी कम है. हाल के समय में देखा गया है कि सीआईडी के काम का बोझ बढ़ा है. सीआईडी में एसपी रैंक के चार पद हैं, यहां एकमात्र एसपी अंजनी झा तैनात हैं.
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सीआईडी मुख्यालय में एकमात्र एसपी तैनात
सीआईडी मुख्यालय में वर्तमान समय में एकमात्र एसपी तैनात हैं, जबकि एसपी स्तर के अधिकारियों के चार पद हैं. वहीं सीआईडी के अधीन ही एससीआरबी को रखा गया है. ऐसी एससीआरबी में भी एसपी, डीआईजी, आईजी के तौर पर किसी अधिकारी की पोस्टिंग नहीं होने से कामकाज प्रभावित हो रहा है. सीआईडी एडीजी अनिल पलटा के अनुसार सीआईडी में मैन पावर कि फिलहाल काफी कमी है. सीनियर से लेकर जूनियर लेवल तक के अधिकारियों की जरूरत फिलहाल सीआईडी को है.
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सीआईडी में आईजी और आईजी संगठित अपराध का पद काफी दिनों से खाली
झारखंड सीआईडी में आईजी और आईजी संगठित अपराध का पद काफी दिनों से खाली है. आईजी रंजीत प्रसाद और अरुण कुमार सिंह के सेवानिवृत्ति के बाद ही दोनों पद खाली पड़े हैं. दिसंबर महीने तक सीआईडी में दो एसपी अनिल भास्कर और अंजनी झा थे, लेकिन जनवरी महीने में सुनील भास्कर के डीआईजी में प्रमोशन के बाद एकमात्र एसपी अंजनी झा सीआईडी में रह गए हैं.
ऐसे में तमाम शाखाओं से लेकर केस के सुपर विजन की जिम्मेदारी एकमात्र एसपी के ऊपर आ गई है. वर्तमान में सीआईडी में अधिकारियों की घोर कमी को देखते हुए फिलहाल एटीएस के एसपी अंजनी अंजन को विशेष कार्य के लिए सीआईडी में प्रतिनियुक्त किया गया है.
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