
Ranchi: राज्य में स्वच्छ भारत मिशन (SBM) में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों ने राज्य सरकार से गुहार लगायी है. रविवार को मोरहाबादी, रांची में एसबीएम प्रोग्राम के कर्मियों ने राज्य स्तरीय बैठक की. इसमें मुख्य रूप से ब्लॉक कॉर्डिनेटर (बीसी) औऱ सोशल मोबलाइजर (एसएम) शामिल हुए.
बीसी एसएम संघ के प्रमुख कौसर आजाद ने बताया कि एसबीएम के तहत सभी जिलों में बीपीएमयू गठित है. इसमें एक बीसी और एक सोशल मोबलाइजर कार्यरत हैं. इनका सेवा विस्तार 31 मार्च, 2021 तक के लिये किया गया है.
राज्य सरकार जल जीवन मिशन और एसबीएम-2 के लिये अलग-अलग पदों हेतु विज्ञप्ति जारी कर रही है. इसमें पुराने कर्मियों को प्राथमिकता मिले. किसी की नौकरी ना छीनी जाये.
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सीएम अपना वादा करें पूरा
कौसर आजाद के अनुसार वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व कहा था कि सभी विभागों में पूर्व से कार्यरत अनुबंध कर्मियों का स्थाईकरण और समायोजन किया जायेगा. पर इसका उल्टा होता दिख रहा है. दोहरी नीति अपनायी जा रही है. निर्मल भारत तथा स्वच्छ भारत मिशन प्रोग्राम के लिये विज्ञापन निकाले गये हैं.
इसके कारण पुराने कर्मियों की छंटनी हो गयी है. उम्र सीमा पार करने के कारण कई कर्मी दोबारा आवेदन करने की स्थिति में भी नहीं हैं. यह तब हो रहा है जब देशभर में एसबीएम प्रोग्राम के मामले में झारखंड को बढ़िया स्थान मिलता रहा है. कई पुरस्कार भी मिले हैं.
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क्या है कर्मियों की मांग
बीसी औऱ एसएम के संघ ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा है कि सभी कार्यरत BC एवं SM को SBM फेज-02 एवं जल जीवन मिशन योजना के अगले चरण में सीधा समायोजित किया जाये.
प्रखंड स्तर के अन्य विभागों के समतुल्य इन कर्मियों को मानदेय एवं अन्य सुविधा का भुगतान किया जाना चाहिये. अनुबंध कर्मियों को भी सरकारी सेवक घोषित किया जाये. साथ ही 60 सालों तक लगातार सेवा में बनाये रखा जाये.
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