
Ranchi : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड की ओर से तैयार सेल्फ बिलिंग एप ईजी बिल से उपभोक्ता खुद अपना बिल जेनरेट कर सकते हैं. कुछ माह पूर्व तैयार इस एप का फिलहाल पचास हजार उपभोक्ता इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐप को गूगल प्ले से डाउनलोड किया जा सकता है. जिसके बाद उपभोक्ता अपने अपने मीटर की रीडिंग खुद कर सकते हैं.
हालांकि, बिजली बिल पेमेंट के लिये पहले से जेबीवीएनएल की दूसरा एप है. जिसका नाम ईजी बिजली एप है. बता दें ईजी बिल एप से उपभोक्ता सिर्फ मीटर रीडिंग कर सकते हैं. कोरोना लॉकडाउन के बाद जेबीवीएनएल के इंजीनियरों ने इस एप को तैयार किया है. जिसके बाद से जेबीवीएनएल के साइट में इसकी जानकारी भी दी जाने लगी.
लॉकडाउन के बाद जेबीवीएनएल की राजस्व वसूली में कमी देखी गयी है. इसका मुख्य कारण ये रहा कि ऊर्जा मित्रों की ओर से मीटर रीडिंग कम हो गयी, क्योंकि कोरोना के कारण उपभोक्ताओं ने भी लोगों को घर बुलाने से परहेज किया. ऐसे में जेबीवीएनएल के एक्सपर्टस ने खुद मीटर रीडिंग ऐप बनाया. मीटर रीडिंग के बाद लोग खुद बिल भुगतान कर सकते हैं. मीटर रीडिंग ऐप बनने के बाद जेबीवीएनएल के राजस्व वसूली में कुछ वृद्धि देखी गयी.
20 से 28 तक ही हो सकती है मीटर रीडिंग
ईजी बिल एप से उपभोक्ता महीने की 20 से 28 तारीख तक मीटर रीड कर सकते हैं. इस दौरान ही एप से बिल डिजिटल फॉर्म में बिल जेनरेट होता है. मीटर रीडिंग के बाद उपभोक्ता जेबीवीएनएल के ईजी बिजली एप या अन्य डिजीटल माध्यम से भुगतान कर सकते हैं. एप निर्माण की लागत शून्य है.
कैसे करें मीटर रीडिंग एप का इस्तेमाल
गूगल प्ले स्टोर से ईजी बिल एप डाउनलोड करें. इसके बाद उपभोक्ता कंज्यूमर नंबर से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. मोबाइल कैमरा के जरिये मीटर रीडिंग के बाद सर्वर के जरिये बिल जेनरेट होगा. इस ऐप को मात्र सात दिनों में एप्प तैयार किया गया है. ऐसे में इसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है. ताकि भविष्य में भी इसका इस्तेमाल किया जाये. वहीं बिल पेमेंट इजी बिजली एप्प, भीम एप्प, पे फोन, अमेजन पे, गूगल पे आदि से किया जा सकता है.




