
Ranchi: ओरमांझी में युवती हत्याकांड की गुत्थी 100 घंटे बाद भी पुलिस नहीं सुलझा नहीं पायी है. इसके साथ ही पुलिस को अब तक युवती का गायब सर भी नहीं मिला है. हाल के दिनों में गायब हुई लड़कियों के परिजन भी पुलिस के पास पहुंचे. उनमें से कई लोगों ने शव को भी देखा लेकिन पहचानने से इनकार कर दिया. हालांकि रांची की ही एक महिला ने शव को देखकर अपनी बेटी होने का दावा किया है. इसके बाद पुलिस अब डीएनए जांच कर यह जानने की कोशिश करेगी की महिला के दावे में कितना दम है. वहीं युवती के डीएनए को एफएसएल में सुरक्षित रखवाया गया है, ताकि उसका मिलान प्राप्त डीएनए से करवाया जा सके.
महिला ने पुलिस को बताया था एक युवक का नाम
डीएनए जांच की तैयारियों के साथ ही पुलिस अपराधियों की तलाश में भी जुटी है. शव कोअपनी बेटी का बताने वाली महिला ने पुलिस को एक लड़के का नाम भी बताया था. महिला ने कहा था कि उसकी बेटी अक्सर एक लड़के से घंटों फोन पर बात करती थी. महिला ने दावा किया था कि उसी लड़के ने उसकी बेटी को भगाया था. इसके बाद पुलिस ने उस युवक को गिरफ्तार कर लिया है. फिलहाल पुलिस उस लड़के से पूछताछ कर रही है.
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युवती की पहचान बनी पुलिस के लिए चुनौती
पुलिस के अनुसार सबसे बड़ी चुनौती युवती की पहचान को लेकर है. युवती का कटा हुआ सिर नहीं मिलने की वजह से अभी तक हत्या किसकी हुई है,यहीं जानकारी पुलिस को नहीं मिल पाई है. एफएसएल सहित दूसरी टीमें मामले की जांच में लगी हुई है. हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने के लिए सिल्ली डीएसपी चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया है. एसआइटी में ओरमांझी थाना प्रभारी, इंस्पेक्टर असित मोदी, साइबर इंस्पेक्टर ममता भी शामिल है.
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