
Anwar Hussain
Jamtara: मनरेगा योजना में लूट खसोट कोई नयी बात नहीं है. ये कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगी कि मनरेगा, पदाधिकारियों की कागजी करवाई बन कर रह गयी है. ये बातें हम नहीं कह रहे हैं बल्कि आरटीआइ से इन बातों पर खुलासा हो सका है. मनरेगा के पूर्व लोकपाल द्वारा जामताड़ा बीडीओ से मांगी गयी सूचना से इस बात का खुलासा हुआ है कि योजना में एमबी में कुछ राशि बुक हुई है, जबकि एमआईएस में कुछ और ही राशि दर्ज है. मतलब साफ है कि एमबी बुक से ज्यादा की निकासी की गयी है. योजना में ऐसा अंतर यह साफ दिखाता है कि कहीं न कहीं लूट हुई है. जानकारी के अनुसार तीन पंचायतों में लाखों रूपये की राशि की अधिक निकासी की गयी है. पूर्व लोकपाल प्रवीण ठाकुर ने जामताड़ा डीडीसी को लिखे पत्र में कहा है कि इस पर अगर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो मार्च 2021 में जिला कार्यालय के समक्ष 72 घंटे का उपवास रखेंगे. उन्होंने इसकी प्रति ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव, मनरेगा आयुक्त को भी भेजी है. उन्होंने पत्र में तीन पंचायतो का जिक्र करते हुए लिखा है कि योजना में एमबी बुक व एमआईएस में भारी अंतर दिखाया गया है. साथ ही एमबी बुक से अधिक राशि की निकासी की गयी है.
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इन 3 पंचायतों में योजना में अधिक हुई निकासी
- बेवा पंचायत में 2 लाख 56 हजार 441 रुपये
- सिउलीबाड़ी पंचायत में 3 लाख 45 हजार 579 रुपये
- दुलाहडीह पंचायत में 4 लाख 61 हजार 383 रुपये
योजनाओं के एमबी व एमआईएस में भारी अंतर
- योजना वर्क कोड if/ 1108432 नवाडीह के बोलाय मुर्मू के 60by60 का डोभा निर्माण में एमआईएस में 1 लाख 20 हजार 219, जबकि एमबी में 65 हजार 620 रुपये दिखाए गए है. इस प्रकार 54 हजार 599 रुपये का अंतर दिख रहा है, जिसकी निकासी कर ली गयी है.
- योजना वर्क कोड LD/1011777369 सुरेंद्र मुर्मू के जमीन समतलीकरण में एमआइस में 59 हजार 472 रुपये व एमबी में 13 हजार 440 रुपये है. इस प्रकार इसमे 46 हजार 32 रुपये का अंतर है.
- योजना वर्क कोड IF/10833441 गगन हांसदा के 80by30 के डोभा निर्माण में एमआईएस में 22 हजार 211 रुपये व एमबी में 10 हजार 768 रुपये दिखाए गये हैं. इस योजना में 11 हजार 442 रुपये का अंतर है.
क्या कहते हैं पूर्व लोकपाल

पूर्व लोकपाल प्रवीण ठाकुर ने कहा कि ये मामले जामताड़ा प्रखंड के हैं. जामताड़ा बीडीओ से इन पंचायतों की योजनाओं की सूचना मांगी गयी थी, जिसमे ये बातें सामने आई है. कुछ योजनाओ का तो एमबी उपलब्ध ही नहीं कराया गया है. उन्होंने कहा कि डीडीसी को पत्र लिखा गया है. कार्रवाई नही होने पर मार्च 2021 में कार्यालय के समक्ष 72 घंटे का उपवास रखूंगा.
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