
♦दुष्कर्म की घटनाओं में भाजपा का इतिहास दागदार
Ranchi : आयशा खान मामले को लेकर झामुमो ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पिछले कुछ दिनों से उसे लेकर झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी तेज रही है. अब उसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया है. इसमें आयशा ने बाबूलाल मरांडी, सांसद निशिकांत दुबे सहित कुछ अन्य के नाम लिये हैं. इनसे अपनी जान को खतरा बताया है. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसे बेहद शर्मनाक बताया है. पार्टी महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने गुरुवार को कहा कि यूपी, मध्य प्रदेश से लेकर बिहार और दूसरे राज्यों में पिछले कुछ समय में हुई दुष्कर्म की घटनाओं में भाजपा के नेताओं का हाथ सामने आया है. झारखंड में भी भाजपाई राजनैतिक स्वार्थ और व्यक्तिगत ईर्ष्या की राजनीति कर रहे हैं.
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बेनकाब हुई भाजपा
झामुमो के अनुसार भाजपा का चाल, चरित्र औऱ चेहरा अब लोगों के सामने बेनकाब हो गया है. बाबूलाल मरांडी व निशिकांत दुबे का वास्तविक चेहरा सामने आ गया. ऐसे नेता व्यक्तिगत तौर पर चरित्र हनन की राजनीति करते हैं. अब उनकी खुद की ही पोल खुल गयी है. सीएम हेमंत सोरेन ने एक साल के कार्यकाल में जो मिसाल पेश की है, उसने भाजपाइयों की नींद उड़ा दी है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पीएम और गृह मंत्री को अपनी पार्टी के ऐसे नेताओं के चरित्र का आकलन करना चाहिए.
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दुष्प्रचार पर कार्रवाई
किसी युवती को डराना, धमकाना, बरगलाना एक जघन्यतम अपराध है. झामुमो ने कभी भी भाजपा नेताओं बाबूलाल मरांडी या दूसरे के चरित्र हनन का प्रयास नहीं किया. पार्टी का भाजपा के साथ नीतिगत विरोध है. झामुमो और भाजपा राजनीतिक प्रतिद्वंदी हैं. व्यक्तिगत स्वार्थ और राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए स्तरहीन बात नहीं की जानी चाहिए. समाज में इस प्रकार के दुष्प्रचार फैलानेवाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ केंद्र औऱ राज्य सरकार को कानूनी कार्रवाई कार्रवाई करनी चाहिए.
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