
Ranchi : राजधानी रांची में ओवरस्पीड और खराब सड़कें मौत का सबब बन रही हैं. सड़क सुरक्षा समिति की रिपोर्ट यही कहती है. सड़क हादसों के आंकड़ों और वजहों के विश्लेषण से यह निष्कर्ष सामने आया है. रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में राजधानी में कुल 673 सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 333 लोगों की मौत हुई थी. 2019 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या घटकर 659 हो गयी, लेकिन मरनेवालों की संख्या बढ़कर 448 हो गयी.
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लॉकडाउन के दौरान हादसों की संख्या घटी
2020 की बात करें तो जनवरी से अक्टूबर 2020 तक की अवधि में 435 सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें मृतकों की संख्या 298 दर्ज की गयी है. जाहिर है, इस साल लॉकडाउन की वजह से सड़कों पर कम ट्रैफिक की वजह से हादसों की संख्या में कमी आयी है. ये आंकड़े रांची समाहरणालय परिसर में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान जारी रिपोर्ट में पेश किये गये हैं.
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ये हैं हादसों की प्रमुख वजहें
रिपोर्ट में सड़क दुर्घटना में पीछे कई कारणों को प्रमुखता से बताया गया है. बताया गया है कि सबसे ज्यादा ओवरस्पीड की वजह से होते हैं. सड़कों की बदहाल स्थिति दूसरी सबसे बड़ी वजह है है. इसके अलावा ब्लैक स्पॉट, सड़क व पुलों का निर्माण कार्य, शराब पीकर गाड़ी चलाने के साथ मैकेनिकल फेलियर भी हादसों की प्रमुख वजहे हैं.
| माह (2018) | दुर्घटना | मौत | माह (2019) | दुर्घटना | मौत | |
| जनवरी | 62 | 37 | जनवरी | 55 | 34 | |
| फरवरी | 56 | 27 | फरवरी | 54 | 30 | |
| मार्च | 37 | 15 | मार्च | 54 | 34 | |
| अप्रैल | 52 | 32 | अप्रैल | 59 | 48 | |
| मई | 58 | 34 | मई | 55 | 29 | |
| जून | 61 | 41 | जून | 58 | 45 | |
| जुलाई | 47 | 27 | जुलाई | 70 | 42 | |
| अगस्त | 58 | 31 | अगस्त | 40 | 27 | |
| सितम्बर | 66 | 24 | सितंबर | 49 | 31 | |
| अक्टबूर | 70 | 35 | अक्टूबर | 56 | 42 | |
| नवंबर | 54 | 30 | नवंबर | 51 | 32 | |
| दिसम्बर | 52 | 30 | दिसम्बर | 58 | 54 |
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