
- कहा- राज्य हित में उठाएंगे कदम
Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार के उस सुझाव को ठुकरा दिया है जिसमें बकाया जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय से लोन लेने को कहा गया है.
दरअसल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने 15 अक्टूबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक पत्र लिखा है. पत्र में केंद्रीय मंत्री ने वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत जीएसटी मुआवजा की राशि देने के बदले करोड़ों रुपये का कर्ज लेने का सुझाव दिया है.
इससे नाराज मुख्यमंत्री सोरेन ने गुरुवार देर रात केंद्रीय वित्त मंत्री से फोन पर बातचीत की. सीएम ने बताया कि एक तरफ डीवीसी बकाये राशि को लेकर आरबीआइ खाते में केंद्र 1417 करोड़ काट नहीं सकती है. वहीं दूसरी तरफ जीएसटी क्षतिपूर्ति राशि के बकाये को लेकर वह राज्य को विकल्प देती है कि सरकार केंद्र से ऋण लें.
बता दें कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान जीएसटी मद के 2500 करोड़ रुपये केंद्र सरकार ने झारखंड को नहीं दिये हैं.
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जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए सीधे ऋण लेने के लिए विशेष विंडो की व्यवस्था करेगा केंद्र : वित्त मंत्री
सीएम हेमंत सोरेन को लिखे पत्र में केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि कोविड-19 को लेकर केंद्र के राजस्व संग्रहण में बुरा असर पड़ा है. इसे देखते हुए राज्य को जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए ऋण लेना चाहिए.
पत्र में इस बात का भी जिक्र है कि जिसमें बीते सितंबर माह को जीएसटी काउंसिल की बैठक में वित्त मंत्री ने जीएसटी मुआवजा की राशि देने के बदले करोड़ों रुपये का कर्ज लेने का सुझाव दिया था. केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए सीधे ऋण लेने के लिए केंद्र एक विशेष विंडो की व्यवस्था करेगा.
राज्य और केंद्र के बीच विश्वास में कमी होने की बात कहकर पीएम को लिखा था पत्र
बता दें कि इससे पहले सितंबर माह को ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख जीएसटी लागू करने के समय किये वादे को दिलाया था. उन्होंने कहा था कि वादे के मुताबिक जीएसटी मुआवजे की भरपाई नहीं करने से राज्य और केंद्र के बीच विश्वास की कमी होगी.
उन्होंने राज्य के सामने पैदा हुए आर्थिक संकटों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री से जीएसटी कंपनसेशन का बकाया 2500 करोड़ दिलाने की मांग की थी. हेमंत ने यह भी कहा था कि राज्य यह सोच भी नहीं सकता कि केंद्र अपने वायदे से मुकरते हुए राज्यों को और अधिक कर्ज लेने का सलाह देगी.
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केंद्र के प्रस्ताव को किया खारिज, संभवित कदमों पर करेंगे विचार : सोरेन
केंद्रीय वित्त मंत्री के नये पत्र पर सीएम सोरेन ने जवाब दिया है कि शुक्रवार के कैबिनेट बैठक में केंद्र के प्रस्ताव को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है. सरकार ने फैसला लिया है कि राज्य के सर्वोत्तम हित में हम अगले संभावित कदमों पर विचार-विमर्श करेंगे. पूरे मामले को हम विस्तार से समझेंगे.
हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र के दिये प्रस्ताव से राज्य राजकोषीय व्यवस्था पर क्या संभावित प्रभाव हो सकता है. वो भी तब, जब हम कोविड महामारी और जीएसटी हिस्से के रूप में केंद्र के बकाया राशि का सामना कर रहे है. ऊपर से केंद्र ने आरबीआई के साथ मिलकर राज्य सरकार के खाते से 1417 करोड़ की राशि काट ली है.
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