
Ranchi : टैक्स ऑडिट के लिए पूरी प्लानिंग जरूरी है. सरकार ने टैक्स ऑडिट की टर्नओवर सीमा पांच लाख तक बढ़ा दी है. लेकिन इसके लिए कुछ शर्त भी तय किये गये हैं. उक्त बातें प्रत्यक्ष कर विशेषज्ञ राजीव मल्होत्रा ने कहीं. वे दी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की रांची शाखा में आयोजित टैक्स ऑडिट वेबिनार को संबोधित कर रहे थे.
इस दौरान उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक स्टॉक्स और नगद की सत्यापन करना जरूरी है. जीएसटी, टीडीएस, बैंक स्टेटमेंट, ग्रॉस प्रॉफिट और अन्य अनुपात का मिलान कर लेना चाहिये. जानकारी देते हुए इन्होंने कहा कि टैक्स ऑडिट के लिए फॉर्म में क्लाइंट या कंपनी के मामले में दो डायरेक्टर का हस्ताक्षर होना आवश्यक है.
कंपनी के मामले में ऑडिटर को कंपनी का वार्षिक सभा में उपस्थित होना आवशयक होता है. उन्होंने कहा की ऑडिट रिपोर्ट में स्टैंडर्ड्स ऑफ ऑडिटिंग का पालन और ऑडिटर्स रिस्पांसिबिलिटी देना आवश्यक है.
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सीए इन्सॉल्वेंसी और बैंकरप्सी के लिए रिफ्रेशस कोर्स
इस दौरान इंस्टिट्यूट के रांची शाखा अध्यक्ष मनीषा बियानी ने कहा कि आगामी अक्टूबर महीना में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स को टैक्स ऑडिट संपन्न करना होगा. इसके लिए यह वेबिनार काफी लाभदायक होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि हम चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के लिए इन्सॉल्वेंसी और बैंकरप्सी कोड के माध्यम से एक अच्छा अवसर है.
उसकी तयारी और परीक्षा कि जानकारी के लिए अक्टूबर माह में रांची शाखा तीन दिन का रिफ्रेशर कोर्स करने जा रही है. इस दौरान पंकज मक्कड़, प्रवीण शर्मा, प्रभात कुमार, संदीप जालान, निशा अग्रवाल, विनीत अग्रवाल समेत अन्य शामिल हुए.
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