West Bengal

विश्वभारती के पौष मेला ग्राउंड में रोज शाम लगती थी शराब-शबाब की महफिलः विवि प्रबंधन

Kolkata : विश्वभारती विश्वविद्यालय के पौष मेला ग्राउंड की निर्माणाधीन दीवार तोड़ने की घटना को लेकर मचे बवाल के बीच विश्वविद्यालय प्रबंधन ने विवादित बयान जारी किया है. प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि मेला ग्राउंड को दीवार से घेरना बहुत जरूरी था, क्योंकि वहां रोज शाम शराब और शबाब की महफिल लगती थी. विश्वभारती के असिस्टेंट रजिस्ट्रार की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि वहां से शराब की बोतलें और इस्तेमाल किये गये कंडोम मिलते रहते थे. रात आठ बजे के बाद से देर रात तक ये सब चलता रहता था. वहीं, छात्र संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जतायी है. उनका कहना है कि अगर ऐसा था तो इतने दिनों तक कुलपति चुप क्यों थे? पुलिस प्रशासन क्या कर रहा था?

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माकपा के छात्र संगठन एसएफआइ के राज्य सचिव सुजन भट्टाचार्य ने कहा कि विद्युत चक्रवर्ती 2019 से कुलपति हैं, वे इतने दिनों से क्या कर रहे थे? उन्होंने अध्यापकों और छात्र संगठनों से इस बारे में बातचीत क्यों नहीं की? दरअसल ये सारी बातें बेबुनियाद हैं. जेएनयू में भी कंडोम की झूठी कहानी सुनायी गयी थी. ऐसा करके शिक्षा संस्थानों को लेकर लोगों के मन में जहर घोलने का प्रयास किया जा रहा है.

प्रबंधन कर चुका है सीबीआइ जांच की मांग

विश्वभारती प्रबंधन दीवार तोड़ने की घटना की सीबीआइ जांच की मांग कर चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस बाबत शिकायत की जा चुकी है. भाजपा सांसद सौमित्र खां ने गत शनिवार को इसे लेकर राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात की थी और उन्होंने भी घटना की सीबीआइ जांच की मांग करते हुए एक पत्र सौंपा था. भाजपा सांसद ने कहा कि जिस वक्त मेला ग्राउंड की दीवार और विश्वभारती के ऐतिहासिक गेट को तोड़ गया, उस वक्त पुलिस वहां से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर थी. तृणमूल के गुंडों ने इस घटना को अंजाम दिया और पुलिस मूकदर्शक बनी रही. इसकी सीबीआइ जांच करायी जानी चाहिए. इस घटना के बाद से विश्वभारती विश्वविद्यालय को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है. तोड़फोड़ की घटना की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर कलकत्ता हाइकोर्ट में भी याचिका दायर की गयी है.

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