
Palamu : जिले के तरहसी प्रखंड के सोनपुरा पंचायत में ‘पलामू: मनरेगा में गड़बड़झाला, कहीं निर्माण किये बिना निकाली गयी राशि, कहीं जेसीबी से बनायी गयी सड़क’ शीर्षक से खबर न्यूज विंग में छपने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया. डीसी के निर्देश के बाद तरहसी प्रखंड विकास पदाधिकारी पवन आशीष लकड़ा ने मामले की जांच करने सोनपुरा पंचायत के मटलौंगा गांव पहुंचे. जहां उन्होंने भारी अनियमितता पायी. प्रखंड विकास पदाधिकारी ने ग्रामीणों से मामले में पूछताछ की.
इस दौरान कई ग्रामीणों ने बताया कि पीसीसी रोड से बासगुरु तक मिट्टी मोरम पथ निर्माण में एक दिन भी मजदूरों को नहीं लगाया गया है. जेसीबी मशीन द्वारा रात में काम किया गया है. वहीं लल्लन महतो के घर से अमानत नदी तक मिट्टी मोरम पथ निर्माण में फर्जी तरीके से राशि निकासी किये जाने की पुष्टि हुई. जांच में पाया गया कि ललन महतो के घर से अमानत नदी तक मिट्टी मोरम पथ निर्माण में अभी कार्य भी शुरू नहीं हुआ है, जबकि 28 हजार से अधिक की निकासी कर ली गयी है.
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BDO ने की मामले की जांच
ग्रामीणों ने बीडीओ को बताया कि सड़क नहीं होने से बरसात के दिनों में उन्हें कीचड़नुमा पगडंडी के सहारे आना जाना पड़ रहा है, जिसे काफी परेशानियों का सामना उन्हें करना पड़ता है. प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि मामले की जांच की गयी है. जांच में अनियमितता की पुष्टि हुई है. मामले की जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंपा दिया जाएगा.
बता दें कि तरहसी की सोनपुरा पंचायत के मटलौंग गांव में मनरेगा योजना के तहत पीसीसी रोड से बांसगुरु तक और ललन महतो के घर से अमानत नदी तक मिट्टी मोरम पथ निर्माण की स्वीकृति हुई थी.
पीसीसी रोड से बांसगुरु तक सड़क का निर्माण मजदूरों से कराने के बजाय रात में जेसीबी मशीन से आधा अधूरा सड़क निर्माण कर पैसों की निकासी कर ली गयी. वहीं ललन महतो के घर से अमानत नदी तक मिट्टी मोरम पथ का निर्माण शुरू भी नहीं हुआ और 28 हजार से अधिक की राशि निकाल ली गयी.
इस मामले को स्थानीय ग्रामीणों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. लेकिन ग्रामीणों के आवेदन पर प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने मीडिया का सहारा लिया.
न्यूज विंग ने खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो जिला प्रशासन की नींद खुली और जांच शुरू की गयी. अब यह देखना होगा कि आखिर इस मामले में दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है.
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