Palamu

पलामू: मनरेगा में गड़बड़झाला, कहीं निर्माण किये बिना निकाली गयी राशि, कहीं जेसीबी से बनायी गयी सड़क

ग्रामीणों ने कार्रवाई के लिए बीडीओ-प्रमुख को दिया आवेदन

Palamu: कोरोना को लेकर चल रहे अनलॉक टू में रोजगार की बड़ी समस्या सामने आयी है. ऐसे में केन्द्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा को प्रभावी बनाने की बात कही जा रही है. योजनाओं को चलाया जा रहा है, लेकिन पलामू जिले में अंधेरगर्दी कायम है.

जिले के तरहसी प्रखंड के सोनपुरा पंचायत में मनरेगा की दो योजनाओं में अनियमितता की शिकायत की गयी है. बीडीओ और प्रमुख को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गयी है. एक ओर सड़क निर्माण की योजना में पैसे निकालने के बाद भी काम शुरू नहीं किया गया, जबकि दूसरी योजना को जेसीबी के सहारे पूरा कर दिया गया है. सड़क नहीं बनने के कारण ग्रामीण कीचड़नुमा पगडंडी के सहारे आवागमन कर रहे हैं.

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निर्माणकर्ता और पदाधिकारी के बीच साठगांठ

ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन भी दिया गया, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. इससे स्पष्ट होता है कि निर्माणकर्ता व पदाधिकारी के बीच सांठगांठ है. योजनाएं अपूर्ण है और पैसों की निकासी कर ली गई है. जितनी राशि की निकासी हुई है, उसके अनुरूप 10 प्रतिशत भी काम नहीं हुआ है. एक योजना में तो 1 प्रतिशत भी कार्य नहीं हुआ और 28 हजार से अधिक रुपए की निकासी कर ली गयी है.

जेसीबी से सड़क निर्माण

ग्रामीणों ने बताया कि सोनपुरा पंचायत के मटलौंगा गांव में पीसीसी रोड से बासगुरु तक व ललन महतो के घर से अमानत नदी तक मनरेगा योजना के तहत सड़क निर्माण की स्वीकृति हुई थी. पीसीसी रोड से बासगुरु तक की सड़क निर्माण की लागत राशि 4 लाख 97 हजार एक सौ रुपए है, जबकि ललन महतो के घर से अमानत नदी तक सड़क निर्माण की लागत  2 लाख 45 हजार 53 रुपए है. प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिए आवेदन में ग्रामीणों ने कहा है कि पीसीसी रोड से बासगुरु तक सड़क निर्माण में जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया है. मजदूरों को इस कार्य में एक दिन भी नहीं लगाया गया है.

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काम के बगैर निकाल ली गयी राशि

सड़क का निर्माण सही तरीके से नहीं होने के कारण सड़क कीचड़ में तब्दील है. ललन महतो के घर से अमानत नदी तक सड़क निर्माण की योजना में एक प्रतिशत भी कार्य नहीं किया गया, जबकि 28 हजार से अधिक की निकासी कर ली गई. ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि सोनपुरा पंचायत में मनरेगा योजना में भारी गड़बड़ी की गई है. कहीं भी मनरेगा योजना में मजदूरों से कार्य नहीं कराया गया है. जेसीबी का उपयोग किया गया है.

मनरेगा में कहीं नहीं होता है सौ प्रतिशत काम: मुखिया

इस संबंध में सोनपुरा के मुखिया मृत्युंजय सिंह से फोन पर उनका पक्ष लेने की कोशिश की गयी तो उन्होंने बताया कि मनरेगा एक ऐसी योजना है, जहां कोई भी व्यक्ति सौ प्रतिशत धरातल पर कार्य नहीं कर पाएगा. कहीं भी धरातल पर 100 प्रतिशत कार्य नहीं होता है. जो कार्य हुआ है वह धरातल पर देखा जा सकता है. चुनावी मुद्दा बनाकर आरोप लगाया जा रहा है. जो भी आरोप लगाया गया है, वह बेबुनियाद व सरासर गलत है.

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