
Dhanbad: धनबाद के झरिया अग्नि प्रभावित क्षेत्र में रह रहे लोगों के पुर्नवास के पहले बीसीसीएल प्रबंधन ने तुगलकी फरमान जारी कर दिया है, जिसे लेकर कुजामा के परियोजना पदाधिकारी के खिलाफ कुजामा कोलियरी के लोगों में काफी आक्रोश है.
विरोध कर रहे ग्रामीणों की मानें तो कुजामा में हजारों लोग बसे हुए हैं जिन्हें कुजामा कोलियरी से पानी ओर बिजली दी जाती है. अगर पानी और बिजली काट दी जाती है तो यहां के लोग कैसे अपना जीवन-यापन करेंगे?
उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रबंधन कुजामा कोलियरी का पानी-बिजली काटना चाहती है तो पहले यहां बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाये और रोजगार की व्यवस्था करे.
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लोगों को उजाड़कर होगी कमर्शियल माइनिंग?
आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि प्रबंधन के इस रवैये से साफ जाहिर हो रहा है कि यहां रह रहे हजारों परिवारों को उजाड़ कर इस क्षेत्र में कमर्शियल माइनिग चालू होगी. लेकिन कुजामा की जनता और यूनियन के लोग ऐसा हरगिज नही होने देंगे.
उन्होंने कहा कि अगर इस क्षेत्र में कमर्शियल माइनिंग चालू करवानी है तो पहले यहां की जनता को सही जगह पर बसाकर रोजगार की भी व्यवस्था करे अन्यथा यहां के लोग उग्र आंदोलन पर मजबूर होंगे.
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