
Washington: चीन और अमेरिका के बीच रिश्ते और तल्ख होते जा रहे हैं. व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका चीन के खिलाफ और कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. हालांकि राष्ट्रपति के इन कदमों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई.
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कोरोना महामारी के बाद बिगड़े रिश्ते
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के फैलने के बाद से अमेरिका एवं चीन के बीच संबंधों में तनाव बहुत बढ़ गया है. कोविड-19 को लेकर ट्रंप ने चीन पर कई आरोप लगाए हैं. अमेरिका ने कोविड-19 के फैलने के लिए चीन को जिम्मेवार ठहराया है.
वहीं हांगकांग में नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने को लेकर भी दोनों देशों के बीच मतभेद हैं. इसके अलावा दोनों देशों के बीच तनाव के अन्य मुद्दे अमेरिकी पत्रकारों पर पाबंदी, उईगर मुस्लिमों के प्रति चीन का बर्ताव और तिब्बत में उसके कदम हैं.
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एक्शन की तैयारी में व्हाइट हाउस
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कायले मैकनेनी ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा, ‘कुछ कदम उठाए जाएंगे जो चीन से संबंधित होंगे. इसकी मैं पुष्टि कर सकती हूं.’ व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और विदेश मंत्री समेत ट्रंप प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों ने हाल में ऐसे बयान दिए थे जिनसे संकेत मिलते हैं कि राष्ट्रपति आगामी दिनों में चीन के खिलाफ कुछ और कदम उठा सकते हैं.
एफबीआइ डायरेक्टर क्रिस्टोफर रे ने बयान में कहा था कि चीन अमेरिका की बौद्धिक संपदा को चुराने की तमाम कोशिशें कर रहा है. राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल पर अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने पिछले सप्ताह कहा था कि अमेरिका चीनी ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है.
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट ओ ब्रायन ने कहा था कि राष्ट्रपति की नजर टिकटॉक, वीचैट और कुछ अन्य एप्लिकेशन पर है जिनका इस्तेमाल चीन की सरकार कथित तौर अमेरिकियों के निजी और व्यक्तिगत डेटा हासिल करने के लिए कर रही है.
सांसद मैट गेट्ज ने एक ट्वीट में कहा कि अमेरिका को इस तथ्य को देखते हुए और अधिक तैयार, सावधान और सतर्क रहना चाहिए कि चीन एक शत्रु है.
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