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श्रावणी मेलाः बिहार तैयारी में जुटा, कर रहा केंद्र और झारखंड सरकार के निर्णय का इंतजार

Ranchi: ब्यूरोक्रेट और कोरोना काल के नियम और कायदों की बात मानें तो झारखंड में श्रावणी मेला का टलना तय है. लेकिन वहीं बिहार और खास कर भागलपुर प्रशासन अभी यह उम्मीद पाल कर बैठा है कि मेला हो भी सकता है. इस मामले पर न्यूज विंग ने बिहार के भागलपुर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से बात की.

दरअसल श्रावणी मेला की शुरुआत भागलपुर के सुल्तानगंज से होती है. लिहाजा झारखंड के साथ-साथ बिहार को भी पूरी तैयारी रखनी पड़ती है. श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर 100 किमी का सफर तय कर बाबाधाम य़ानी देवघर पहुंचते हैं. बिहार का सुल्तानगंज पूरा सावन नहीं सो पाता है. प्रशासन की तरफ से काफी तैयारी की जाती है.

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भागलपुर प्रशासन ने निकाला टेंडर

इस मामले पर न्यूज विंग ने भागलपुर जिले के एडीएम राजेव झा से बात की. उन्होंने कहा कि मेला लगेगा या नहीं अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है. भागलपुर प्रशासन केंद्र और झारखंड सरकार के निर्णय का इंतजार कर रहा है. एतिहात के तौर पर प्रशासन की तरफ मेले की तैयारी में लगने वाले सामग्री के लिए टेंडर निकाला गया है. 19 जून को टेंडर खुलेगा. लेकिन आगे सारा कुछ केंद्र सरकार और झारखंड सरकार के निर्णय पर तय होगा.

क्यों लगा है मेले पर ग्रहण

विगत 30 मई को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन खोलने (अनलॉक-1) को लेकर एक गाइडलाइन जारी की थी. गाइडलाइन में इस बात का जिक्र था कि फेज-3 के तहत किसी भी धार्मिक मेले के आयोजन के लिए मंत्रालय कोरोना की स्थिति को देख कर ही जल्द कोई निर्णय लेगा. लेकिन इस बाबत अभी तक कोई निर्णय लिया गया है.

मंत्रालय जबतक कोई निर्णय नहीं लेता है, तबतक राज्य सरकार भी मामले में कोई कदम नहीं उठा सकती है. श्रावणी मेला की तैयारी करीब दो माह पहले शुरू हो जाती है. लेकिन अब केवल बचे 21 दिनों में तैयारी पूरी होनी एक तरह से असंभव है. इसे देख मेले के लगने की संभावना धूमिल हो गयी है. राज्य में बढ़ते कोरोना मरीजों को देख यह बात और पुख्ता होती दिख रही है.

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कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या देख केंद्र नहीं ले रहा फैसला

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 30 मई को जो गाइडलाइन जारी की थी, उसमें किसी तरह के धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष जिक्र था. गाइडलाइन में कहा गया था कि लॉकडाउन में किसी भी तरह की छूट फेज वाइज दी जायेगी. पहले और दूसरे फेज में जहां धार्मिक स्थलों, होटलों, शैक्षणिक संस्थानों को खोलने का जिक्र था. वहीं तीसरे फेज में सिनेमा हॉल, स्वीमिंग पुल, धार्मिक कार्यों और किसी तरह के धार्मिक आयोजन का जिक्र था. तीसरे फेज को लेकर मंत्रालय का स्पष्ट निर्देश था कि स्थिति देख मंत्रालय कोई निर्णय लेगा.

जहां तक राज्य में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की बात है, तो पिछले कुछ दिनों से मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है. हर दिन सैकड़ों की संख्या में मरीज मिल रहे है. ऐसे में यह तय माना जा रहा है कि इस बात भक्तों को मेले से महरूम रहना पड़ेगा.

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