
Saurav Singh
Ranchi: छह बड़े अनसुलझे मामले को सीआइडी ने टेकओवर किया है. इन सभी मामलों को सीआइडी ने मई महीने में टेकओवर किया है. जिनमें सिख दंगा राहत घोटाला, गुमला में फर्जी चेक से 9.05 करोड़ निकासी, पलामू में 12.60 करोड़ की निकासी, गांजा तस्करी में निर्दोष को जेल भेजने, पुलिस की गोली से निर्दोष ग्रामीण की मौत और झारखंड स्टेट को ऑपरेटिव बैंक सरायकेला में गबन के मामले शामिल हैं.
इन भ्रष्टाचार और अपराध के बड़े मामलों में सीआइडी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. इन मामलों में राज्य सरकार के अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है. सीआइडी जांच के बाद गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों पर शिकंजा कसेगा.
सीआइडी ने शुरू की सिख दंगा राहत घोटाले की जांच
सिख दंगा पीड़ितों के मुआवजा राशि को जालसाजी से हासिल करने की जांच सीआइडी को सौंप दी गयी है. सीआइडी के डीएसपी अभिषेक सिंह ने 20 मई को बोकारो जिले के चास थाना की पुलिस से केस का चार्ज लिया है. केस के अनुसंधानकर्ता जमादार रामेश्वर वर्मा ने सीआइडी डीएसपी को चास थाना कांड संख्या 171/2007 अंतर्गत दर्ज केस से संबंधित फाइल सौंपी थी.
गौरतलब है कि तत्कालीन चास एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट युगल किशोर चौबे की शिकायत पर 16 अक्टूबर 2007 को चास पुलिस ने सर्वजीत सिंह व सरजू सिंह पर प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. दोनों पर जालसाजी कर सिख दंगा पीड़ित से मुआवजे की राशि हासिल करने का आरोप लगाया गया था. लेकिन 13 साल के लंबे समय के बाद भी कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है. जिसके बाद सीआइडी ने इस जांच का जिम्मा लिया है.
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गुमला व पलामू में करोड़ों के गबन की जांच कर रही CID
गुमला व पलामू में करोड़ों रुपये के गबन मामले में दर्ज मामले का अनुसंधान अब सीआइडी कर रही है. सबंधित जिलों के एसपी की अनुशंसा पर सीआइडी के एडीजी अनिल पाल्टा ने सहमति जताते हुए बीते 13 मई केस को टेकओवर कर लिया है. अब सीआइडी पूरे मामले को तह तक खंगालेगी.
इन दोनों कांडों में गुमला थाना कांड संख्या 324/19 और पलामू शहर थाना कांड संख्या 378/19 दर्ज है. गुमला थाने का मामला फर्जी चेक पर 9.05 करोड़ की अवैध निकासी और पलामू का मामला 12.60 करोड़ की अवैध निकासी से संबंधित है.
गांजा तस्करी में निर्दोष को भेजा था जेल, सीआइडी ने शुरू की जांच
धनबाद में गांजा तस्करी में ईसीएल कर्मचारी चिरंजीत घोष को फंसा कर जेल भेजने के प्रकरण की जांच सीआइडी ने शुरू कर दी है. सीआइडी एडीजी अनिल पाल्टा ने पूरे मामले में डीजीपी एमवी राव को एक प्रारंभिक रिपोर्ट भेजी थी. रिपोर्ट में धनबाद व गोड्डा पुलिस के अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पायी गयी है.
इसके आधार पर डीजीपी ने 20 मई को सीआइडी जांच का आदेश जारी किया था. 20 मई को सीआइडी ने पूरे मामले से संबंधित निरसा थाना के कांड 179/19 को टेकओवर किया. केस का अनुसंधान बोकारो रेंज के डीएसपी सीआइडी अभिषेक कुमार को दिया गया है. अनुसंधान टीम में इंस्पेक्टर, दरोगा व एएसआइ रैंक के अफसरों की टीम सीआइडी एडीजी अनिल पाल्टा ने गठित की है.
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झारखंड स्टेट कोऑपरेटिव बैंक से 33 करोड़ गबन की जांच कर रही CID
झारखंड स्टेट कोऑपरेटिव बैंक सरायकेला शाखा में हुए 38 करोड़ के गबन की जांच सीआइडी कर रही है. यह केस सीआइडी ने 6 मई को टेकओवर किया था. इससे पहले यह केस सरायकेला-खरसावां जिले के सरायकेला थाने में दर्ज था. केस की पूरी फाइल सरायकेला पुलिस ने सीआइडी टीम को सौंप दी है.
इस केस की मॉनिटरिंग सीआइडी के अपर पुलिस महानिदेशक अनिल पाल्टा कर रहे हैं. जांच का जिम्मा सीआइडी के कोल्हान प्रमंडल के डीएसपी अनिमेष गुप्ता को मिला है. 33 करोड़ रुपये गबन के मामले में झारखंड स्टेट कोऑपरेटिव बैंक, सरायकेला शाखा के तत्कालीन प्रबंधक सुनील कुमार सत्पथी को 22 मई को सीआइडी ने गिरफ्तार किया है.
पुलिस की गोली से निर्दोष युवक की मौत मामले की CID जांच शुरू
खूंटी में नक्सलियों की खोज में निकले पुलिस जवानों की गोली से मारे गये निर्दोष ग्रामीण रोशन होरो की मौत के मामले की जांच सीआइडी करेगी. इस पूरे मामले में सीआरपीएफ की भूमिका की जांच स्वतंत्र तरीके से अब सीआइडी के द्वारा की जायेगी.
पूरे मामले में खूंटी के मुरहू थाने में दो कांड दर्ज किये गये थे. इन कांडों का अनुसंधान अब सीआइडी टेकओवर करेगी. राज्य पुलिस मुख्यालय में इस संबंध में सहमति बन चुकी है.
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