
New Delhi: देश में जारी लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है. और प्रवासियों की समस्या को लेकर कांग्रेस लगातार मोदी सरकार पर हमलावर है. शनिवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक वीडियो डॉक्यूमेंट्री सोशल मीडिया पर साझा की है. जिसमें उन्होंने प्रवासी मजदूरों के साथ बातचीत की है और उनकी समस्या सुनी और मदद की.
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राहुल की आवाज में 17 मिनट की डॉक्यूमेंट्री
कांग्रेस ने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रवासी श्रमिकों से 16 मई को सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास इन मजदूरों से बातचीत की थी. गांधी की आवाज में इस डॉक्यूमेंट्री में मजदूरों की मुश्किलों को बयां किया गया है. राहुल गांधी ने करीब 17 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री में लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के दर्द को दिखाया है. इस वीडियो की शुरुआत प्रवासी मजदूरों के पलायन के दर्द को दिखाने वाले दृश्यों से की गयी है. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश के झांसी के रहने वाले इन मजदूरों का दुख दर्द साझा किया था और घर भेजने का इंतजाम करवाया था. ये मजदूर हरियाणा के अंबाला से पैदल चलकर अपने गांव जा रहे थे.
Watch this short film in which I speak with India’s real nation builders, our migrant brothers & sisters. https://t.co/As99mjVvyt
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 23, 2020
ये डॉक्यूमेंट्री राहुल गांधी ट्विटर हैंडल और यू-ट्यूब पर अपलोड की गयी है. इस वीडियो में गांधी ने कोरोना वायरस महामारी में मुश्किल का सामना कर रहे करोड़ों परिवारों के लिए न्याय की मांग करते हुए प्रत्येक को 7500 रुपये देने की पैरवी की है.
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मजदूरों ने बताया अपना दर्द
राहुल गांधी द्वारा जारी इस डॉक्यूमेंट्री में प्रवासी मज़दूर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष से अपना दर्द साझा करते दिखे है. ये प्रवासी मजदूर हरियाणा से उत्तर प्रदेश के झांसी पैदल जा रहे थे. वीडियो में एक प्रवासी महिला यह कह रही है कि बड़े आदमी को दिक्कत नहीं है. वे तीन दिन से भूखे हैं. भूख से मर रहे हैं. उसके साथ बच्चे हैं. घर नहीं जाए तो क्या करें.
झांसी के रहने वाले महेश कुमार कहते हैं, 120 किलो मीटर चले हैं. रात में रुकते रुकते आगे बढ़े. मजबूरी है कि हमलोगों को पैदल जाना है. वीडियो में एक अन्य महिला कहती हैं कि जो भी कमाया था पिछले दो महीनों में खत्म हो गया है. इसलिए अब पैदल ही घर निकल पड़े हैं.
Playing now on my YouTube channel, https://t.co/4WBysS69uG, a conversation with India’s unsung heroes, our migrant brothers & sisters who have suffered tremendous hardship, violence & injustice in these past weeks.
Subscribe to my YouTube channel to watch my latest videos.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 23, 2020
बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने पूछा है कि पैसे हैं पास में, खाना खा रहे हो? इस सवाल के जवाब में मजदूर परिवार ने बताया कि लोग रास्ते में उन्हें खाने के लिए दे देते हैं. कई बार खाना मिलता भी है कई बार नहीं मिलता तो पैदल चलते हुए आगे बढ़ जाते हैं.
वहीं वापसी के सवाल पर प्रवासियों ने कहा कि हम फिलहाल तो वापस आने का सोच ही नहीं रहे हैं. उन्होंने बताया कि दो महीने तक हमने पड़ोसियों से पैसे लेकर, गेहूं बेचकर काम चलाया. इस दौरान, एक अन्य महिला ने कहा कि जान बचे तो लाखों पाए. साथ ही मजदूरों ने आरोप लगाया कि खाते में पैसे डालने की बात कही जा रही हैं, लेकिन उन्हें एक भी पैसा नहीं मिला है.
बता दें कि इस कोरोना संकट के दौरान मजदूरों की समस्या को लेकर राहुल गांधी शुरू से ही मोदी सरकार पर हमलावर रहे हैं. केंद्र सरकार को सुझाव भी देते रहे हैं. हालांकि, सरकार की ओर से मजदूरों की मदद के लिए बस और ट्रेनें भी चलाई गईं लेकिन प्रवासी मजदूरों की बड़ी तादाद के आगे फिलहाल सारे प्रयास कम दिख रहे हैं.
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