
Ranchi: झारखंड में कोरोना वायरस के 160 मामले सामने आ चुके हैं. सबसे अधिक कोरोना पॉजिटिव राज्य की राजधानी रांची से मिले हैं. पर मई के महीने में रांची से मात्र 10 मरीज मिले हैं. और अधिकतर ठीक होकर वापस लौट चुके हैं. झारखंड के सबसे बड़े हॉटस्पॉट हिंदपीढ़ी से पिछले 4 दिनों में एक भी मरीज नहीं मिला है.
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10 दिनों में सामने आये 47 नये केस में 34 प्रवासी
मई के महीने में राज्य में अबतक 47 नए मामले सामने आये हैं जिसमें 34 पॉजिटिव मरीज प्रवासी हैं और किसी न किसी माध्यम से झारखंड लौटे हैं. सबसे अधिक गुजरात के सूरत से वापस लौटे 21 मजदूर संक्रमित मिले हैं, वहीं 4 मरीज मुंबई से अपनी गाड़ियों से वापस लौटे हैं, जिसमें एक की गिनती राज्य में नहीं हो रही पर इलाज रिम्स के कोविड सेंटर में चल रहा है.
वहीं पलामू में मिले पांच मरीज छत्तीसगढ़ से भागकर आये थे, जो बाद में पॉजिटिव पाए गये. इसके अलावे हरियाणा और कोलकाता से लौटे हुए मजदूर भी मई में झारखंड वापस लौटे हैं और पॉजिटिव मिले. गिरिडीह में भी गुजरात के सूरत से वापस लौटे तीन मजदूरों में संक्रमण की पुष्टि हुई है. इसके अलावा 9 पॉजिटिव मरीज हिंदपीढ़ी के हैं.
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राज्य के बाहर फंसे मजदूर लाये जा रहे वापस
झारखंड सरकार राज्य के बाहर फंसे मजदूरों को लाने के लिए संकल्पित है. सरकार के अनुसार, झारखंड के 8 लाख से अधिक मजदूर राज्य के बाहर फंसे हैं और वापस आना चाहते हैं. सरकार ने मजदूरों को वापस लाने की शुरुआत 1 मई मजदूर दिवस के दिन से कर दी है. इसमें अधिकतर मजदूर वैसे इलाकों से वापस लाए जा रहे हैं जहां कोरोना संक्रमण के मामले अधिक हैं.
1 मई से लेकर 9 मई तक लगभग 20 ट्रेनें झारखंड आई है, जिसमें 25 हज़ार से अधिक मजदूर झारखंड लौटे हैं. इसलिए जिलों में जांच की संख्या में तेजी आई है. और मई महीने में मिले पॉजिटिव मरीजों में अधिकांश मरीज प्रवासी मजदूर हैं.
खुद की गाड़ियों से लौटे प्रवासी भी निकले पॉजिटिव
झारखंड के प्रवासी मजदूर में कई ऐसे मामले भी हैं जो खुद की गाड़ियां रिजर्व कर वापस लौटे थे. झारखंड सरकार ने उनकी जांच की और वो पॉजिटिव निकले. हजारीबाग से मिला पॉजिटिव मरीज भी 5 मई को अपने पांच अन्य दोस्तों के साथ बोलेरो बुक कर मुंबई से झारखंड लौटा था, जिसे बाद में हजारीबाग जिला प्रशासन ने बरकट्ठा के नवनिर्मित जेल परिसर में क्वारेंटाइन कर जांच सैंपल भेजा था, जिसमें वह पॉजिटिव पाया गया. इसके अलावा एंबुलेंस से लौटे मां-बेटे भी पॉजिटिव पाए गए थे. एक अन्य मरीज खुद मुंबई में जांच सैंपल देकर चला था वह भी पॉजिटिव मिला और अब रिम्स में इलाजरत है.
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