
Ranchi : झारखंड विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के चुनावी वादों में सबसे महत्वपूर्ण वादा झाऱखंडी युवाओं को रोजगार देना था.
हेमंत सरकार को सत्ता में आये अभी चार माह ही हुए हैं. इसमें भी पिछले दो माह से देशभर में लॉकडाउन लागू है.
इसके बावजूद हेमंत ने पिछले दिनों तीन योजनाओं को शुरू कर यह बताने का प्रयास किया है कि वे किसी भी हाल में युवाओं को बेरोजगार नहीं रहने देंगे.
झारखंडी छात्रों के समक्ष यह सवाल भी बना है कि क्या हेमंत सोरेन अपने चुनावी वादों पर खरे उतरेंगे. दूसरी ओर अपने किये वादों को पूरा करने के लिए सीएम सोरेन ने कई पहल भी की है.
सीएम के निर्देश के बाद विगत जनवरी माह में मुख्य सचिव ने श्रम नियोजन के प्रधान सचिव एवं सभी डीसी को निर्देश दिया कि वे अपने जिलों के एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज को तुरत सक्रिय करें.
विभागों में रिक्त पदों की संख्या की जानकारी भी उन्होंने मांगी.
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खेल शिक्षकों की बहाली करने की बात अनूठी
हेमंत ने फरवरी माह में आला अधिकारियों संग एक विभागीय समीक्षा बैठक की थी. उन्होंने कहा था कि सभी विभागों में बड़ी संख्या में रिक्तियां हैं. इन रिक्तियों के कारण विकास प्रभावित होता है.
इतनी रिक्तियों के सहारे काम-काज कैसे होगा. ऐसे में उन्होंने विभागों में रिक्त पदों की संख्या की एक सूची भी मांगी कार्मिक को देने की बात की थी.
साथ ही सीएम ने राज्य के विद्यालयों में खेल शिक्षकों की बहाली में खिलाड़ियों को प्राथमिकता देकर भी रोजगार को बढ़ाने की बात की थी, जो कि उनकी एक अनूठी पहल थी.
हेमंत ने शुरू की जेपीएससी में नियुक्ति की प्रक्रिया
राज्य में अभी तक सबसे विवादित संस्था कोई रही है, तो वह जेपीएससी है. पूर्ववर्ती रघुवर सरकार के पांच सालों में आयोग एक भी परीक्षा नहीं ले पाया. इससे राज्य में बेरोजगारों की संख्या काफी बढ़ी.
हेमंत सोरेन ने सत्ता में आते ही आयोग से संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा लेने का निर्देश दिया. आयोग ने मार्च माह में संयुक्त परीक्षा का विज्ञापन भी जारी कर दिया.
हालांकि यह विज्ञापन आरक्षण में हुई गड़बड़ी के कारण रोक दिया गया. बाद में तत्कालीन मुख्य सचिव डीके तिवारी ने कहा था कि आरक्षण के प्रावधानों को ठीक करने के बाद जल्दी ही नया विज्ञापन जारी किया जायेगा.
हेमंत के इस प्रयास से झारखंडी छात्रों में यह विश्वास तो जग गया कि रोजगार को लेकर सीएम कितने सजग हैं.
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रोजगार कार्यालय को सक्रिय कर रोजगार देने की ओर बढ़े कदम
झारखंडी छात्रों को रोजगार देने की दिशा में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी जिलों के रोजगार कार्यालयों को सक्रिय करने का भी निर्देश दिया.
सीएम ने कहा कि पूरे राज्य में जिला से लेकर प्रखंड तक नियोजनालय शिविरों में 16 वर्ष से अधिक आयु के रोजगार तलाश रहे युवाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाये.
उन्होंने कहा कि इसके बाद जल्द ही बेरोजगार युवक-युवतियों को सरकार की ओर से दी जाने वाली प्रस्तावित प्रोत्साहन राशि तथा उन्हें रोजगार के उपलब्ध अवसरों से जुड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जा सकेगी.
योजनाओं को शुरू कर पलायन रोकने की हेमंत ने की पहल
लॉकडाउन के दौरान सीएम ने पिछले दिनों तीन ऐसी योजनाओं की शुरूआत की, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर विकल्प मिल सके. ये योजनाएं है- बिरसा हरित ग्राम योजना, नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना और पोटो हो खेल विकास योजना.
सीएम का दावा है कि इन योजनाओं से राज्य के ग्रामीण, किसान व खेल के प्रति समर्पित युवाओं को काफी लाभ मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में रोजगार देने का दायरा तेजी से बढ़ेगा.
सरकार रोजगार के क्षेत्र में वैल्यू एडिशन का आकलन कर रही है और उसी के हिसाब से रोजगार के अवसर लोगों को उपलब्ध कराये जायेंगे.
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