
Palamu: जनवितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न वितरण में ऊपर से लेकर नीचे तक अनियमितता बरती जा रही है. कमीशनखोरी की जाल में उपभोक्ता फंस कर रह गये हैं. तमाम कोशिशों के बावजूद कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन जैसी परिस्थति में भी वितरण व्यवस्था को प्रभावी नहीं बनाया जा सका है.
पलामू जिले के पांकी प्रखंड क्षेत्र के सकलदीप पंचायत के चांपी खुर्द गांव में पीडीएस का कम अनाज मिलने पर ग्रामीण उग्र हो गये और जमकर हंगामा किया गया. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का जमकर उल्लंघन हुआ.
बताया जाता है कि चांपी खुर्द के दर्जनों उपभोक्ता जनवितरण दुकानदार मो. अजीमुद्दीन अंसारी की दुकान में राशन लेने गये थे. ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान जहां राशन वितरण में व्यापक तौर पर अनियमितता बरती गयी. वहीं लाभुकों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया. इससे ग्रामीण उग्र हो गये और जमकर विरोध दर्ज किया.
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ग्रामीणों ने कहा – राशन भी कम दी और गाली भी
ग्रामीण वीरेंद्र भुईया, संजय भुईया, अनीता देवी सहित अन्य ने बताया कि अप्रैल और मई महीने का राशन डीलर अजीमुद्दीन अंसारी ने अबतक नहीं दिया. आज जब राशन लेने गये तो प्रति यूनिट राशन कम दिया गया. किसी को चार तो किसी को साढ़े चार किलो राशन दिया गया. जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो डीलर उन सबसे बुरा व्यवहार करने लगा और देख लेने की धमकी दी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी छोटेलाल गुप्ता को मोबाइल के माध्यम से दी. साथ ही निर्धारित दर पर निर्धारित मात्रा में राशन वितरण की मांग की. प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने जनवितरण दुकानदार को प्रति यूनिट 5 किलो राशन देने का आदेश दिया. लेकिन जनवितरण दुकानदार ने एमओ के निर्देश को दरकिनार कर अपनी जिद पर अड़ा रहा. विरोध करने पर कई लोगों को डांटकर भगा दिया.
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राशन ही गरीबों का है सहारा
ग्रामीणों ने कहा कि देश में कोरोना जैसी वैश्विक महामारी आयी है. हम गरीबों को कोई काम नहीं मिल रहा है. हमलोगों के समक्ष खाने पीने की समस्या उत्पन्न हो गयी है और इस हालात में भी जनवितरण दुकानदार लूट में व्यस्त हैं. यही राशन वर्तमान में जीने का सहारा है. ग्रामीणों ने इस सिलसिले में क्षेत्रीय विधायक डा. शशिभूषण मेहता को ज्ञापन सौंपा और जांच कर कार्रवाई की मांग की है.
जनवितरण दुकानदार ने कमीशनखोरी का ऐसे किया खुलासा
इस संबंध में पूछे जाने पर जनवितरण दुकानदार अजीमुद्दीन अंसारी ने बताया कि उन्हें राशन घर तक लाने में 8 रुपये प्रति क्विंटल व्यापार मंडल के एजीएम को देना पड़ता है. वहीं 8 रुपये प्रति क्विंटल परिवहन का खर्च देना पड़ता है. साथ ही 2 रुपये प्रति क्विंटल मुंशी को देना पड़ता है. कुल मिलाकर 18 रुपये प्रति क्विंटल उन्हें कमीशन में खर्च हो जाता है. जिससे वह प्रति व्यक्ति 5 किलो की जगह साढ़े 4 किलो राशन ही वितरण करते हैं.
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