Corona_UpdatesSci & Tech

#IIT ने बनाया UV टेक्नोलॉजी से लैस ‘बॉक्स’, खाने के सामान समेत कई रोजमर्रा की चीजों को करेगा संक्रमण मुक्त

New Delhi: वैश्विक संकट कोरोना वायरस को लेकर रोजाना कुछ ना कुछ शोध और अध्ययन किये जा रहे हैं. ताकि इस महामारी से देश-दुनिया को जल्द मुक्त किया जा सके. वहीं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान ने यूवी तकनीक से लैस एक ऐसा बॉक्स बनाया है, जिसमें खाना या नोटों को कोरोना संक्रमण से मुक्त किया जा सकता है.

आइआइटी ने पराबैंगनी कीटाणुनाशक विकिरण प्रौद्योगिकी (Ultraviolet disinfectant radiation technology) से लैस संदूकनुमा एक उपकरण विकसित किया है और वह इसे घर की दहलीज पर रखने तथा खाद्य सामग्री और बैंक नोट समेत बाहर से आने वाली हर सामग्री को इसमें डाल कर संक्रमण मुक्त बनाने की सलाह देते हैं, ताकि कोविड-19 के खिलाफ जंग को बल मिल सके.

इसे भी पढ़ेंः#CoronaUpdates: दो दिनों में 16 हजार टेस्ट हुए, मात्र 0.2 प्रतिशत पॉजिटिव मिले

30 मिनट में कोरोना फ्री हो जायेगा सामान !

आइआइटी रोपड़ की टीम के मुताबिक, जब इस संदूक का व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू किया जाएगा, तब यह 500 रुपये से कम की कीमत पर उपलब्ध होने लगेगा. यह उपकरण सामग्रियों को संक्रमणमुक्त बनाने में 30 मिनट का समय लेगा और टीम ने इसमें से सामान बाहर निकालने से पहले 10 मिनट तक उसे और छोड़ने की सलाह दी है.

आइआइटी रोपड़ के वरिष्ठ साइंटिफिक अधिकारी नरेश राखा ने न्यूज एजेंसी पीटीआइ से कहा, “ कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खिलाफ जंग केवल सामाजिक दूरी बनाए रखने और घर से बाहर न निकलने से ही खत्म नहीं होती.

आने वाले दिनों और हफ्तों में, हर संभव चीज के साथ सतर्क रहना बहुत जरूरी हो जाएगा. हमने ऐसा उपकरण विकसित किया है जो हमारे घरों में उपयोग होने वाले किसी संदूक की तरह दिखता है और हम सलाह देते हैं कि इसे दहलीज पर या प्रवेश द्वार के करीब रखा जाए.”

इसे भी पढ़ेंः#FightAgainstCorona : हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की दुनिया भर में बढ़ी मांग के बाद बंगाल के किसानों को कुनैन की मांग बढ़ने की उम्मीद

चीजों को संक्रमण मुक्त करेगा ‘यूवी बॉक्स’

उन्होंने कहा, “ अभी कई ऐसे लोग होंगे जो सब्जियों को इस्तेमाल से पहले गर्म पानी में धोते होंगे, लेकिन यह बैंक नोट या पर्स के साथ नहीं किया जा सकता. इसलिए हमने हर चीज को संक्रमणमुक्त करने के लिए साझा समाधान विकसित किया है.”

टीम ने सुझाव दिया कि बाहर से आने वाला सारा सामान मसलन बैंक नोट, सब्जियां, दूध के पैकेट, डिलिवरी के जरिए आने वाला सामान, घड़ी, वॉलेट, मोबाइल फोन या कोई भी दस्तावेज इस्तेमाल से पहले इस संदूक में डाला जाए.

राखा ने कहा, “यह उपकरण पराबैंगनी कीटाणुनाशक विकिरण प्रौद्योगिकी पर आधारित है जो वाटर प्यूरीफाइर्स में इस्तेमाल होती है. हम सख्त सलाह देते हैं कि संदूक के अंदर की रोशनी को सीधे न देखा जाए क्योंकि यह नुकसानदेह हो सकती है.”

इसे भी पढ़ेंः#CoronaVirus के स्वरूप में हुए बदलाव का पता चला, वैज्ञानिकों ने खोजी तीन वंशावली: स्टडी

Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related Articles

Back to top button
Close