
Ranchi : विनोबा भावे विश्वविद्यालय के तहत आने वाले बीएड और एमएड कॉलेजों को विवि की ओर से 2019-20 तक के लिए एफलिएशन दिया गया था, जो समाप्त हो गया है. नये शैक्षणिक सत्र के लिए उन्हें एफलिएशन एक्सटेंशन कराना है. लेकिन विवि की ओर से एफलिएशन के प्रस्ताव को सरकार को अब तक नहीं भेजा गया है.
इस प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने समय सारणी बनायी, जिसके आलोक में राज्यपाल सचिवालय ने सभी कुलपतियों को समय सारणी के अनुसार सरकार को एफलिएशन प्रस्ताव भेजने को कहा, इसके बाद भी विवि की ओर से अब तक प्रस्ताव नहीं भेजा गया है. ऐसे में बीएड कॉलेजों को इस वर्ष एफलिएशन एक्सटेंशन मिल पायेगी, इसपर संशय जताया जा रहा है.
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एफिलिएशन एक्सटेंशन पर क्यों है संशय
विनोबा भावे विवि के तहत 25 बीएड कॉलेज हैं, जिसमें से 21 निजी बीएड कॉलेज हैं. इनमें से अधिकांश बीएड कॉलेजों को शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए एफलिएशन अपडेट कराना है. सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक, 20 मार्च तक विवि को एफलिएशन से संबंधित प्रस्ताव उच्च शिक्षा निदेशालय को भेज देना है.

इससे पूर्व विवि की ओर से सभी बीएड कॉलेजों के निरीक्षण के लिए बनायी गयी टीम को बीएड कॉलेजों की जांच रिपोर्ट विवि को देनी होती है. लेकिन इस वर्ष 6 मार्च हो जाने के बाद भी विवि को सभी कॉलजों की जांच रिपोर्ट नहीं मिली है.
अगले दो दिनों के बाद विवि सहित विभागों में होली की छुट्टी हो जायेगी. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या विवि 20 मार्च तक अपने प्रस्ताव को संबंधन समिति और सिंडिकेट की बैठक में पास करवा पायेगी. क्योंकि सिंडिकेट में पस्ताव पास होने के बाद ही सरकार को भेजा जाता है.
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निरीक्षण के लिए डेढ़ लाख रुपये लिये गये
विवि की ओर से बीएड कॉलेजों को एफिलिएशन एक्सटेंशन देने से पहले टीम गठित कर बीएड कॉलेजों की व्यवस्था की जांच करायी जाती है. विनोबा भावे विवि की ओर से इसके लिए एकमुश्त डेढ़ लाख रुपये की फीस ली गयी है.
बीएड कॉलेजों ने दिसंबर माह में ही आवेदन और फीस जमा करा दी है. विनोबा भावे विवि के तहत आने वाले 21 नीजि बीएड कॉलेजों को एक्सटेंशन करना है. लेकिन विवि की ओर से गठित निरीक्षण टीम ने कितने कॉलेजों का अब तक निरीक्षण किया है.
किस कॉलेज में क्या कमियां हैं, इससे संबंधित रिपोर्ट विवि को अभी तक सौंपा ही नहीं है. जबकि जांच टीम की रिपोर्ट को संबंद्धन समिति और सिंडिकेट से भी पास कराना होता है. विनोबा भावे विवि में 03 मार्च को सिंडिकेट की बैठक भी हुई, पर बीएड कॉलेजों को मान्यता देने पर चर्चा ही नहीं की गयी.
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क्या है एनसीटीइ का नियम
नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन (एनसीटीइ) के नियमानुसार, जिन बीएड कॉलेजों को एफिलिएशन एक्सटेंशन करा लेना है, उन्हें संबंधित विश्वविद्यालय को 10 मार्च तक एप्लीकेशन दे देना होता है. इसके बाद विश्वविद्यालय को आवेदन किये बीएड कॉलेजों की जांच कराकर अपनी रिपोर्ट सरकार को 20 मार्च तक सौंप देना है.
इसके बाद विभाग की ओर से 10 मई तक एफिलिएशन एक्सटेंशन की प्रक्रिया को पूरा कर लेना है. एनसीटीइ के नियम के मुताबिक, किसी भी स्थिति में टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेजों का सत्र 1 जुलाई से शुरू हो जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, निर्धारित समय सारणी को लागू करने के लिए राज्यपाल की ओर से सभी विवि के कुलपति को 19 दिसंबर 2016 को ही पत्र भेजा जा चुका है.
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