
NewDelhi : सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के अनुसार भारत में बेरोजगारी की दर फरवरी में बढ़कर 7.78 प्रतिशत पर पहुंच गयी है, जो अक्टूबर 2019 के बाद से सबसे अधिक है. इससे पहले जनवरी में बेरोजगारी दर 7.16 फीसदी थी.रोजगार के मोर्चे पर सरकार के लिए यह बुरी खबर मानी जा रही है. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) द्वारा सोमवार को यह आंकड़ा जारी किया गया है. यह आंकड़ा अर्थव्यवस्था पर सुस्ती के प्रभाव को प्रदर्शित करता है.
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2019 के चार महीनों में बेरोजगारी की दर 7.5 फीसदी तक थी
जान लें कि सितंबर से दिसंबर 2019 के चार महीनों में बेरोजगारी की दर 7.5 फीसदी तक थी. बेरोजगारी की दर अगस्त और अक्टूबर 2019 में 8 फीसदी को पार कर गयी थी. भारतीय अर्थव्यवस्था साल 2019 के आखिरी तीन महीनों में पिछले 6 सालों से भी अधिक की सबसे धीमी गति से बढ़ी है. विश्लेषकों ने अनुमान जताया है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के ग्लोबर स्तर पर प्रकोप के चलते एशिया की इस तीसरी बड़ी इकोनॉमी में आगे भी और सुस्ती रह सकती है.
CMIE के डाटा के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर पिछले महीने के 5.97 फीसदी के मुकाबले फरवरी में बढ़कर 7.37 प्रतिशत हो गयी है. शहरी क्षेत्रों में यह पिछली दर 9.70 के मुकाबले गिरकर 8.65 पर आ गयी है.
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फरवरी में PMI 8 साल के उच्चतम स्तर से फिसला
दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस फैलने का असर फरवरी माह के दौरान भारत में विनिर्माण गतिविधियों (India’s Manufacturing Sector Activity) पर देखा गया. इस दौरान विनिर्माण क्षेत्र की गतिविधियों में कुछ नरमी देखी गयी. सोमवार को जारी मासिक सर्वेक्षण में यह कहा गया है कि आईएचएस मार्किट इंडिया (IHS Markit India) के विनिर्माण क्षेत्र के पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) फरवरी 2020 में 54.5 पर रहा.
यह आंकड़ा जनवरी के 55.3 अंक के मुकाबले नीचे है. जनवरी में यह पिछले 8 साल में सबसे ऊंचा था. यह लगातार 31वां महीना है जब भारत में विनिर्माण क्षेत्र का पीएमआई 50 अंक के स्तर से ऊपर बना हुआ है.
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