Ranchi

साल 2016 और 2019 में एक बार भी नहीं हुई दिव्यांगता सलाहाकार बोर्ड की बैठक, सालाना होनी चाहिये दो मीटिंग

Ranchi: दिव्यांगजनों की समस्या किसी भी राज्य के लिये संवेदनशील होती है. केंद्र सरकार की ओर से भी दिव्यांगजनों के लिये कई येाजनायें चलायी जाती है. लेकिन राज्य सरकार इसमें रूचि नहीं लेती.

इन्हीं में से एक है दिव्यांगता सलाहाकार बोर्ड की बैठक है. कल्याण विभाग अंतर्गत हर साल में दो बार दिव्यांगता सलाहाकार बोर्ड की बैठक होनी चाहिये. लेकिन साल 2016 और 2019 में एक भी बैठक का आयोजन नहीं किया गया.
साल 2017 में 17 जनवरी में एक बार बैठक हुई.

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और साल 2018 में दो बार बैठक हुई. इसमें 5 जून 2018 और 24 दिसंबर 2018 में हुई. इसके बाद इन बैठकों में पारित प्रस्तावों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी नहीं की गयी.

बता दें दिव्यांग सलाहाकार बोर्ड में 24 सदस्य होते हैं. जिसकी अध्यक्षता कल्याण मंत्री की ओर से की जाती है. जिसमें अन्य सरकारी अधिकारी होते हैं.

निःशक्तता कार्यालय से भेजा जाता है अनुरोध

राज्य निःशक्तता कार्यालय कल्याण विभाग के अंतर्गत है. सलाहाकार बोर्ड की बैठक के लिये निःशक्तता कार्यालय की ओर से कल्याण विभाग को पत्र लिखा जाता है. कल्याण विभाग की ओर से समय तय किया जाता है.

निःशक्तता कार्यालय से जानकारी मिली कि साल 2019 में दिव्यांगता सलाहाकार बोर्ड की एक भी बैठक नहीं हुई. इसके लिये कल्याण विभाग को निःशक्तता कार्यालय की ओर से कई बार अनुरोध पत्र लिखा गया. लेकिन विभाग की ओर से इसमें रूचि नहीं ली गयी.

निःशक्तता आयुक्त सतीश चंद्रा ने बताया कि कई बार विभाग को आवेदन देने के बाद भी इस पर कार्रवाई नहीं की गयी. जबकि हर साल दो बार दिव्यांगता सलाहकार बोर्ड की बैठक होनी चाहिये. इन्होंने बताया कि इस बैठक में दिव्यांगजनों से जुड़े सभी मुद्दों को बोर्ड में लाया जाता है. कुछ प्रस्ताव जो पूर्व की बैठकों में पास हुए. उनकी भी समीक्षा होनी चाहिये. लेकिन बोर्ड बैठक आयोजित नहीं होने के कारण ऐसा नहीं हो पाया.

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राज्य में लगभग चार लाख दिव्यांग

निःशक्तता कार्यालय की मानें तो राज्य में दिव्यांगजनों की कुल संख्या लगभग चार लाख है. ऐसे में विभाग की ओर से दिव्यांगजनों के लिये चलायी जा रही योजनाओं में रूचि नहीं लेने के कारण कार्य बाधित हो रहे हैं.

सांकेतिक फोटो

राज्य निःशक्तता आयुक्त सतीश चंद्रा ने इस दौरान जानकारी दी कि आने वाले दो दिनों में कल्याण विभाग को फिर से पत्र भेजा जायेगा. जिसमें निकट समय में दिव्यांग सलाहाकार बोर्ड की बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया जायेगा.

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