
Jamshedpur: बीते सप्ताह कांग्रेस, जेएमम के विधायक, नेता समेत कई रिटायर्ड अधिकारी भी बीजेपी में शामिल हुए. भाजपा मुख्यालय में चकाचौंध वाला कार्यक्रम हुआ, मीडिया को बुलाया गया. जहां ऐसा लगा कि भाजपा ने चुनाव से पहले ही विपक्ष को मैदान के पार कर दिया है.
लेकिन इस चुनावी चक्कलस के बीच बेहद शांति से सिंतबर 2019 में ही रजिस्टार कॉ-ऑपरेटिव के पद से रिटायर हुई आइएएस सुचित्रा सिन्हा भी भाजपा में शामिल हुई. जिसको मीडिया ने भी तवज्जो नहीं दिया. लेकिन अब उनके कोल्हान से चुनाव लड़ने की भी अटकलें लगायी जाने लगी है.
इसे भी पढ़ेंःहड़बड़ी में क्यों है सरकार, काम पूरा हुए बिना ही सीएम ने 180 फ्लैट का किया उद्घाटन
बतौर सिनेमा मजिस्ट्रेट सुचित्रा सिन्हा ने लंबे समय़ तक जमशेदपुर में अपनी सेवा दी है. इसके अलावा दिल्ली में एक्सपोर्ट कॉ-ऑपरेशन ऑफ इंडिया के पद पर रहकर सरायकेला-खरसांवा जिले के सबर जनजाति के बनाए हुए खजुर पत्ते और कांशी घास के उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाया. ईमानदार और कड़क अंदाज की इस पूर्व आइएएस ने सेफ्टी गाइडलाइन की अवहेलना करने पर उस वक्त जमशेदपुर के सभी सिनेमा घरों को बंद कर दिया था.
उस दौरान सुचित्रा सिन्हा खूब सुर्खियों में रहीं. अब एक बार फिर से जमशेदपुर में सुचित्रा सिन्हा को लेकर चर्चा गर्म है. चुनाव लड़ने की अटकलों के बीच खबर है कि पूर्व आइएएस ने घाटशिला से चुनावी मैदान में उतरने की इच्छा सीएम के सामने रख दी है.
इसे भी पढ़ेंः#Congress ने #EuropeanMPs को जम्मू-कश्मीर जाने देने को देश की संसद और लोकतंत्र का अपमान करार दिया
सीएम रघुवर की सोच अलग
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो रघुवर दास सुचित्रा सिनहा को पश्चिमी सिंहभुम से उतारना चाहते हैं. उनका मानना है कि सरयू रॉय की जगह श्रीमती सिन्हा की सरयू रॉय जैसी स्वच्छ और ईमानदार छवि पार्टी के लिए बेहतरीन विकल्प साबित होंगी.
इसके लिए रघुवर दास अपने करीबी रामबाबू तिवारी को भी किनारे करने को तैयार हैं. सुचित्रा सिन्हा के जरिए सीएम एक तीर से दो निशाना साधने की कोशिश में हैं. जहां एक तरफ पार्टी को पश्चिमी जमशेदपुर के लिए भविष्य का चेहरा मिला जाएगा. तो वहीं सीएम को चुनाव समिति के सामने सरयू रॉय के खिलाफ अपनी बात रखने का बड़ा मौका और पुरानी दिली ख्वाहिश दोनों पूरी हो सकती है.
हालांकि राजनीतिक गलियारे में चर्चा इस बात की भी है कि सुचित्रा सिन्हा ईचागढ़ से चुनाव लड़ना चाहती है. खैर उनकी उम्मीद पूरी होती है, या नहीं ये तो आनेवाला वक्त ही बतायेगा.
इसे भी पढ़ेंः#BJP ज्वाइन करने के बाद अब किस पार्टी के विधायक हैं दलबदलू, बाबूलाल के सवाल पर बीजेपी का पलटवार




