National

#Newtrafficrules: चुनावी माहौल में जोखिम नहीं लेना चाहती महाराष्ट्र सरकार, गडकरी से अपील, कम करें जुर्माने की राशि

Mumbai: पिछले कई दिनों से नये ट्रैफिक नियमों को लेकर चर्चा जोरों पर है. हर चरफ बढ़े चालान की ही चर्चा है. नये नियम में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर भारी-भरकम जुर्माने का प्रावधान किया गया है. कई राज्यों ने इसे मानने से इनकारकर दिया है, तो कुछ ने छूट का ऐलान किया है. कुछ राज्य छूट देने के लिए केंद्र से गुहार लगा रहे हैं.

वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी का कहना है कि नये नियमों के पीछे लोगों की सुरक्षा का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ विपक्षी दल इसे पूरी तरह अव्यवहारिक बता रहे हैं. वहीं चुनावी राजनीति के कारण कई राज्य से इसे लागू करने से बच रहे हैं.

इसे भी पढ़ें – #Newtrafficrules: भाजपा के सांसद और विपक्ष के विधायक सभी कर रहे हैं नये ट्रैफिक नियमों लिए अतिरिक्त समय की मांग

बीजेपी शासित गुजरात द्वारा कई मामलों में जुर्मानों की राशि काफी हद तक कम करने के बाद, खुद गडकरी के गृह राज्य महाराष्ट्र के मंत्री ने पत्र लिख कर जुर्माने की राशि पर पुनर्विचार कर इसे खत्म करने की मांग की है.

बता दें कि अगले कुछ महीनों में ही महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में सत्तारूढ़ शिवसेना और बीजेपी जनता को नाराज नहीं करना चाहती है. इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार फिलहाल इस कानून को लागू नहीं करेगी. राज्य सरकार की ओर से केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से इसपर पुनर्विचार करने की भी अपील की है.

जिंदगी बचाने का प्रस्ताव है

केंद्रीय मंत्री सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नये नियम लोगों में कानून के प्रति डर और सम्मान पैदा करने के लिए लागू किये गये हैं. यह राजस्व बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है, बल्कि लोगों की जिंदगी बचाने का प्रस्ताव है. सड़क दुर्घटनाओं की वजह से हमारी जीडीपी में 2 प्रतिशत का नुकसान होता है. उन्होंने कहा कि क्या लोगों की जिंदगी की रक्षा करने का काम सरकार का नहीं है? इस कानून के पीछे यही भावना है.

इसे भी पढ़ें – #Cabinet : प्रधानमंत्री पत्रकार जीवन बीमा योजना पर मुहर,  पारा शिक्षक, बीआरपी-सीआरपी के लिए 10 करोड़ का कल्याण कोष

दिल्ली सरकार भी कर रही विचार

दिल्ली सरकार भी जुर्माने कम करने पर विचार कर रही है. वह ऐसे जुर्माने पर विचार कर रही है जिसे मौके पर चुकाया जा सकता है. दिल्ली सरकार फिलहाल मोटर वीइकल ऐक्ट के तहत अपने अधिकारों की स्टडी कर रही है और कितने मामलों में वह चालान को कम कर सकती है, इस पर विचार कर रही है.

इसे भी पढ़ें – #Dhullu तेरे कारण: यौन शोषण की पीड़िता ने कहा- सिर्फ मुझे ही नहीं, मेरे सहयोगियों को भी मरवाना चाहता है ढुल्लू महतो 

Related Articles

Back to top button