
Pravin kumar
Ranchi : सरकारी योजना की राशि का भुगतान समय पर करना सरकार का दायित्व है. समय पर योजना का कार्य पूरा होना सरकार की सफलता मानी जाती है. लेकिन झारखंड में मनरेगा योजना अब दम तोड़ने लगी है. सरकार समय पर राशि उपलब्ध कराने में असफल हो रही है, जिससे गरीब लाभुकों का 10217.15 लाख रुपया झारखंड सरकार पर बकाया है. सरकार के द्वारा मजदूरी भुगतान में भी विलंब किया जा रहा है. मजदूरी मद में झारखंड के गरीब मजदूरों का 753.65 लाख रुपया सरकार पर बकाया है. वहीं मनरेगा योजना से निर्माण किये जा रहे बकरी शेड, मुर्गी शेड, वर्मी कंपोस्ट टैक जैसी योजनाओ की सामग्री मद में 8972.93 लाख रुपया कई माह से बकाया है. सबसे अधिक बकाया गढ़वा जिले का है. मनरेगा योजना में 15 दिन में मजदूरों एवं सामग्री मद की राशि भुगतान करने की दायित्व सरकार का है. राज्य के द्वारा केन्द्र से राशि नहीं मिलने का बहाना बना कर या योजना में राज्य का समय पर अशंदान नहीं होने की बजह से सरकारी योजना में गरीबों को पैसों का भुगतान नही किया गया.
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मनरेगा योजना का किस जिले में कितना है सरकार पर बकाया ( लाख में)
जिला मजदूरी सामग्री
बोकारो 23.1 लाख 271.18 लाख
चतरा 48.4 लाख 433.14 लाख
देवघर 49.0 लाख 441.2 लाख
धनबाद 35.7 लाख 222.24 लाख
दुमका 52.69 लाख 327.91 लाख
गढ़वा 77.76 लाख 1563.38 लाख
गिरिडीह 71.3 लाख 1054.9 लाख
गोड्डा 25.41 लाख 125.1 लाख
गुमला 40.94 लाख 432.38 लाख
हजारीबाग 46.68 लाख 607.61 लाख
जामताड़ा 32.33 लाख 867.95 लाख
कोडरमा 33.98 लाख 78.76 लाख
लातेहार 36.7 लाख 407.28 लाख
लोहरदगा 11.21 लाख 88.25 लाख
पाकुड़ 19.28 लाख 98.06 लाख
पलामू 40.28 लाख 181.99 लाख
रांची 80.31 लाख 784.51 लाख
साहिबगंज 18.95 लाख 61.34 लाख
सरायकेला/
खरसावां 38.42 लाख 60.13 लाख
सिमडेगा 31.24 लाख 284.32 लाख
प. सिंहभूम 38.1 लाख 31.15 लाख
पू सिंहभूम 39.1 लाख 37.41 लाख
खूंटी 15.71 लाख 74.58 लाख
रामगढ़ 33.21 लाख 418.55 लाख
वेंडर लाभुकों पर दे रहे दबाव, राशि भुगतान पर सरकार मौन
मनरेगा योजना राज्य में पूरी तरह चरमरा गयी है. सरकार मजदूरी मद की राशि के भुगतान में जहां 15 से तीस दिन लगा रही है वही सामग्री मद की राशि भुगतान में 6 माह से अधिक समय लग जा रहा है. जिससे योजना का लाभ गरीब और जरूरतमंदो को समय पर नहीं मिल रहा है .वहीं सामग्री मद में भुगतान नहीं होने के वजह से वेंडर लाभुकों पर सामग्री का पैसा देने का दबाव बना रहे हैं. मनरेगा योजना में सबसे अधिक बकाया गढ़वा जिले का है, जहां मजदूरी मद में 77.76 लाख और सामग्री मद में 1563.38 लाख रुपया राज्य सरकार पर बकाया है.
मार्च में सामग्री मद में किया गया था भुगतान
मनरेगा योजना में राज्य का अंशदान नहीं होने के कारण सामग्री मद में बड़ी राशि का भुगतान नहीं हो रहा है. मार्च महीने में मनरेगा योजना में सामग्री मद की कुछ राशि का भुगतान किया गया. आज भी राज्य में मनरेगा योजना की सामग्री मद का भुगतान 6 माह से अधिक समय से लटका हुआ है. हालांकि जिन प्रखंडों में वेंडर के द्वारा प्रखंड मुख्यालय से बेहतर तालमेल है, उनका सामग्री मद का भुगतान मार्च में हो गया . जितनी राशि सामाग्री मद में दी गयी, उससे चार गुना अधिक बकाया था. अब मनरेगा योजना में वेंडर लाभुकों पर दबाव दे रहे हैं कि राशि का भुगतान करें. वहीं मानसून की बेरूखी के वजह से धान की रोपाई नही हो पा रही है , ऐसे में गढ़वा,खूंटी,लातेहार जिले से प्राप्त सूचना के अनुसार ग्रामीण पलायन को विवश हो रहे हैं.
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