
जमशेदपुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की बात को प्रमुखता से रखा प्रदेश अध्यक्ष ने
Ranchi : लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार पार्टी के प्रदेश मुख्यालय पहुंचे झारखंड कांग्रेस अध्य़क्ष डॉ अजय कुमार को कार्यकर्ताओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. विरोध इतना प्रबल था कि वह जब मुख्यालय के दूसरे तल्ले पर चढ़ रहे थे तो सुबोधकांत सहाय के समर्थकों द्वारा की गयी धक्का-मुक्की में वे सीढ़ी से गिरते-गिरते बचे.
घटना के बाद मीडिया से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष काफी संयमित रहे, विरोधी नेताओं पर जमकर बरसे भी. उन्होंने कहा, “कुछ नेता इतने नीचे स्तर तक गिर गये हैं कि वे अब भाड़े पर आदमी लाकर अपनी राजनीति चमका रहे हैं.” हालांकि डॉ अजय कुमार ने मीडिया से बातचीत में केवल एक बार ही सुबोधकांत का नाम लिया.
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पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कई नेता हो चुके हैं निष्कासित
उन्होंने कहा कि सारा खेल टिकटों का है. ऐसे छह-छह कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों, जो पार्टी में रहकर विरोधियों द्वारा प्रायोजित गतिविधियों में लगे हैं, को रांची और हजारीबाग जिलाध्यक्षों ने छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया हैं.
इस दौरान डॉ अजय कुमार ने एकबार फिर जमशेदपुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही.
बता दें कि विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर डॉ अजय कुमार सोमवार को सभी जिलाध्यक्षों, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवा दल, अल्पसंख्य़क नेताओं के साथ बैठक करने पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे.
धक्का-मुक्की व नारेबाजी के बीच कमरे में पहुंचे डॉ अजय
इससे पहले जैसे ही डॉ अजय प्रदेश मुख्यालय पहुंचे, सुबोधकांत समर्थक कार्यकर्ता डॉ अजय कुमार के खिलाफ गो-बैक का नारा लगाने लगे.
वीडियो में साफ दिखता है कि डॉ अजय हसंते हुए दूसरे तल्ले स्थित कमरे पर जाने लगे. लेकिन विरोधी कार्यकर्ताओं ने सीढ़ी चढ़ते डॉ अजय कुमार के साथ धक्का-मुक्की की, जिससे वे सीढ़ी से गिरते-गिरते बचे. हालांकि अपने सुरक्षा गार्डों की सहायता से प्रदेश अध्यक्ष मुख्यालय के दूसरे तल्ले में चले गये. इससे पहले विरोधी गुटों ने पार्टी मुख्यालय के बाहर प्रदेश अध्य़क्ष का पुतला दहन भी किया.
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सारी लडाई टिकट की, बीजेपी प्रायोजित है विरोध-प्रदर्शन
कांग्रेस को एक लोकतांत्रिक पार्टी बताते हुए डॉ अजय कुमार ने कहा कि विरोधी गुटों का सारा खेल टिकटों को लेकर है. विरोधी नेता अपने रिश्तेदारों को टिकट बाटंने या टिकट देने में हिस्सेदारी के लिए दबाव बनाना चाहते है. जबकि पहले उन्हें पार्टी की मजबूती पर ध्यान देना चाहिए था. लेकिन ऐसा न कर वे बीजेपी प्रायोजित और भाड़े के लोगों की मदद से विरोध पर उतर आये हैं.
बीजेपी से सीख लेने के अपने बयान के सवाल पर कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी राजनीतिक प्रतिद्वंदी बीजेपी है. लेकिन आज कांग्रेस पार्टी के ही कार्यकर्ता पार्टी को नुकसान पहुंचाने में लगे हैं. उनका अभी भी यही मानना है कि विरोध कांग्रेस की परम्परा की तरह बंद दरवाजे में रहकर करना चाहिए. लेकिन अगर विरोधी गुट कांग्रेस को बदनाम करना चाहते हैं, तो यह साफ है कि वे बीजेपी से मिले हुए हैं.
पार्टी की छवि खराब हुई
सुबोधकांत सहाय का नाम लिये बिना प्रदेश अध्य़क्ष ने कहा कि आज कुछ विशेष नेता के इशारे पर भाड़े के लोग जैसा विरोध कर रहे हैं, उससे पार्टी की छवि काफी खराब हुई है. उन्हें जब विरोध करना ही था, तो जोरदार तरीके से विरोध करते. इसके लिए अगर पैसे की कमी होती, तो 2 से 3 हजार रुपये विरोधी नेता उनसे ही ले लेते.
डॉ अजय कुमार ने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक है, पार्टी चाहती है कि महागठबंधन में रहते मजबूती के साथ पार्टी चुनाव जीते. एक सर्वे का जिक्र करते हुए कहा कि आज प्रदेश की करीब 35 प्रतिशत आबादी महागठबंधन के नेताओं के पक्ष में हैं. लड़ाई तो केवल 5 से 6 प्रतिशत की है. लेकिन आज कांग्रेस की ही नेता पार्टी को नुकसान पहुंचाने में लगे है.
पुलिस सेवा में खून दिये, विरोधी नेता क्या खून चूसने को हैं
डॉ अजय कुमार ने झारखंड में दी अपनी पुलिस सेवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने तो सारी जिंदगी राज्य में शांति और सुरक्षा के लिए दी है. यहां तक की इसके लिए उन्होंने अपना खून तक बहाया.
लेकिन पार्टी विरोधी नेता क्या केवल खून चूसने के लिए हैं? ऐसे नेता जो लड़ाई लड़ रहे हैx, उनका कांग्रेस पार्टी से कोई मतलब नहीं है. वे तो केवल टिकट बंटवारे, टिकट में समझौता, अपने रिश्तेदारों को टिकट देने में अपने हिस्सेदारी चाहते हैं.
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