
Ranchi: झारखंड में करीब 4517 छोटे-बड़े कारखाने हैं. करीब 200 कारखानों में पांच सौ से एक हजार व्यक्ति तक कार्यरत हैं. इन कारखानों में फैक्टरी रूल के अनुसार सुरक्षा पदाधिकारी की नियुक्ति की जानी है. लेकिन इंस्टीट्यूट ऑफ एनवॉयरमेंटल मैनेजमेंट एंड स्टडीज की पढ़ायी राज्य में मान्यता मिलने के बाद भी संस्थान इस मापदंड को पूरा नहीं करते हैं. राज्य सरकार के द्वारा तीन इंस्टीट्यूट को इस कोर्स के लिए मान्यता दी गयी थी. और इस संबंध में गजट भी प्रकाशित किया गया.
इसे भी पढ़ेंः लातेहार : SDO को LRDC का प्रभार क्या मिला, रुपये लेकर मुकदमे सलटाने में जुट गये!
किन संस्थानों को मिली है मान्यता
राज्य सरकार ने तीन इंस्टीट्यूट सेंट्रल लेबर इंस्टीट्यूट मुंबई, रीजनल लेबर इंस्टीट्यूट कोलकाता और इंस्टीट्यूट ऑफ एनवॉयरमेंटल मैनेजमेंट एंड स्टडीज, जमशेदपूर को इस कोर्स के लिए मान्यता दी है. सेंट्रल लेबर इंस्टीट्यूट मुंबई और रीजनल लेबर इंस्टीट्यूट कोलकाता ने यह माना है कि उनके द्वारा दिये जाने वाले इंडस्ट्रियल सेफ्टी की डिग्री या डिप्लोमा की मान्यता झारखंड या बिहार सरकार से नहीं है. वहीं इंस्टीट्यूट ऑफ एनवॉयरमेंटल मैनेजमेंट एंड स्टडीज, जमशेदपूर नामक कोई संस्था जमशेदपूर में है ही नहीं.
इसे भी पढ़ेंः सीबीआई का आरटीआई कार्यकर्ता को बैंक फ्रॉड मामले में जारी लुकआउट सर्कुलर के बारे में बताने से इनकार
झारखंड और बिहार में किसी इंस्टीट्यूट को मान्यता नहीं
दूसरी ओर झारखंड और बिहार में किसी इंस्टीट्यूट को इंडस्ट्रियल सेफ्टी की डिग्री या डिप्लोमा प्रदान करने की मान्यता नहीं है. इस मामले का खुलासा आरटीआई से हुआ है. जिसमें डायरेक्टर जनरल फैक्टरी एडवाइस सर्विस एंड लेबर इंस्टीट्यूट के द्वारा कहा गया है की रीजनल लेबर इंस्टीट्यूट कोलकाता, जिसे झारखंड सरकार ने कारखाना सेफ्टी के डिप्लोमा कोर्स की मान्यता दी है, उसका रजिस्ट्रेशन फैक्टरी रूल 1960 के तहत नहीं किया गया है.
इसे भी पढ़ेंः स्वामी ने पीएम को पत्र लिखा, इंडिया बुल्स पर एक लाख करोड़ का घोटाला करने का आरोप लगाया




