
Ranchi : आंधी-पानी के साथ झारखंड की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर जाती है. मंगलवार को अपराह्न तीन बजे के बाद राजधानी सहित अन्य जिलों में आये आंधी-पानी के कारण लगभग तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति चरमरा गयी. आंधी-पानी शुरू होने के साथ बिजली काट दी गयी. स्थिति यह थी कि सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक प्रदेश में बिजली की मांग 1117 मेगावाट थी. इतनी बिजली उपलब्घ भी थी; लेकिन अपराह्न तीन बजे के बाद कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद बिजली की मांग घटकर 751 मेगावाट हो गयी. 336 मेगावाट बिजली सरेंडर करनी पड़ी.
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अपराह्न तीन बजे के बाद सेंट्रल एलोकेशन भी घटा
अपराह्न तीन बजे के बाद सेंट्रल सेक्टर से मिलने वाली बिजली भी कम हो गयी. कुल 324 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही थी. जबकि अपराह्न तीन बजे से पहले सेंट्रल सेक्टर से 539 मेगावाट बिजली मिल रही थी. इसकी वजह रही कि वितरण सिस्टम प्रदेश में दुरुस्त नहीं हो पाया था. इस कारण बिजली की आपूर्ति शुरू नहीं हो पायी.
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राजधानी के अधिकांश इलाकों में आपूर्ति बाधित
मंगलवार को आये आंधी-पानी के कारण राजधानी के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति लगभग तीन घंटे बाधित रही. बूटी मोड़, विकास, नेवरी, कांटाटोली, बरियातू, डंगराटोली, अशोकनगर, हेहल, बजरा, रातू रोड का इलाका, किशोर गंज, कोकर, सामलोंग, चुटिया, टाटीसिल्वे सहित अन्य इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही.
क्या रही पावर उत़्पादन की स्थिति
टीवीएनएल- 366 मेगावाट
सिकिदिरी: 00 मेगावाट
सीपीपी- 9 मेगावाट
इंलैंड- 48 मेगावाट
सेंट्रल सेक्टर-324 मेगावाट
आधुनिक-186 मेगावाट
एसइआर- 38 मेगावाट
आइइएक्स- 110
बिजली की मांग:751 मेगावाट
बिजली सरेंडर: 336 मेगावाट
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