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प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से राज्य के 92 प्रतिशत कर्मगार होंगे लाभान्वित : रघुवर दास

Ranchi : अंसगठित कामगारों के लिए केंद्र की मोदी सरकार 5 मार्च को पूरे देश में प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना शुरू करने जा रही है. ऐसे कामगारों के लिए यह एक महत्वाकांक्षी पेंशन योजना है. योजना से राज्य के कुल 92 प्रतिशत असंगठित कामगारों को लाभ मिलेगा. यह बात प्रोजेक्ट भवन में आयोजित एक प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कही. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार (मोदी सरकार) ने मजदूरों विशेषकर असंगठित मजदूरों के लिए इस तरह की पेंशन योजना शुरू कर रही है. हालांकि योजना का लाभ लेने के लिए योग्य लाभुकों को इसमें नियमित अंशदान करना होगा. अंशदान करने पर 60 वर्ष पूरा होने के बाद लाभुकों को 3000 रुपये मासिक अंशदान आजीवन (सालाना 36,000 रूपये) दिया जायेगा. इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा कर कहा कि योजना के शुभांरभ वाले दिन राज्य सरकार योजना से जुड़ी दो कार्यक्रम रांची के नामकूम और दुमका जिले में आयोजित करेगी. इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार सुनील वर्णवाल, श्रम सचिव राजीव अरूण एक्का उपस्थित थे.

92 प्रतिशत श्रमिक होंगे लाभान्वित

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दिनों राज्य में कुल 92 प्रतिशत श्रमिक असंगठित क्षेत्र में आते हैं. सरकार चाहती है कि इतने बड़ी संख्या वाले श्रमिक प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन से जुड़े. इसके लिए सरकार पूरे जोर-शोर से काम कर रही है. श्रम विभाग को निर्देश दिया है कि सभी जिलों, प्रखंडों और स्थानीय निकायों (नगर निकाय, नगर निगमों) में ऐसे श्रमिकों को योजना का लाभ देने में त्वरित गति से काम किया जाये. उन्होंने बताया कि योजना में गृह आधारित कर्मकार, गली में फेरा लगाने वाले कर्मकार, मध्याह्न भोजन कर्मकार, सिर पर बोझा उठाने वाले कर्मकार, ईंट भट्ठा कर्मकार, चमड़ा कर्मकार, घरेलू कर्मकार, मनरेगा योजना के तहत काम करने वाले कर्मकारों सहित कई अन्य को भी शामिल किया गया है.

पेंशन योजना में शामिल होने की पात्रता

मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में शामिल होने वाले असंगठित कर्मकारों के लिए निम्न पात्रता निर्धारित की गयी है.

  • मासिक आय – 15,000 से अधिक न हो.
  • उम्र सीमा – 18 वर्ष से 40 वर्ष तक हो.
  • लाभुक EPF/NPS/ESIC के सदस्य नहीं हो. साथ ही वे आयकर दाता नहीं हो.
  • मासिक अंशदान – लाभुक को 55 रुपये से 200 रुपये तक मासिक अंशदान देय होगा. इतने ही अंशदान केंद्र सरकार भी लाभुक के नाम से योजना में देगी.

शर्तों का स्वंय सर्टिफिकेट देंगे लाभुक

सीएम ने कहा कि असंगठित कर्मगारों को योजना का लाभ लेने वाली शर्तों का स्वयं सर्टिफिकेट देना होगा. इसके लिए कर्मगारों को अपने आधार कार्ड, बैंक बचत खाता, के साथ नजदीक प्रज्ञा केंद्र में जाना होगा. इस केंद्र में योजना का लाभ लेने वाले फार्म है जो कि 30 रुपये निर्धारित है, वो भी केंद्र सरकार कर्मगारों को उपलब्ध करायेगी.

आजीवन 36 हजार रुपये का सालाना पेंशन

मुख्यमंत्री ने घोषणा कर कहा कि योजना में नियमित अंशदान करने एवं 60 वर्ष की आयु पूरा होने के बाद 3 तीन हजार रुपये मासिक पेंशन लाभुक को मिलेगा. यानि सालाना इन्हें 36 हजार का पेंशन दिया जायेगा. पेंशन मिलने के दौरान लाभुक के मृत्यु होने पर उसके पत्नी/पति को मिलने वाले पेंशन का 50 प्रतिशत प्रतिमाह (1500 रुपये) दिया जायेगा. योजना में जुड़ने के बाद 10 वर्ष की अवधि के भीतर इसे छोड़ने पर उसके द्वारा किये जमा अंशदान के हिस्से की राशि व्याज समेत लाभुक को दिया जायेगा.

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