
Ranchi : राज्य की 35 पंचायतें नेशनल अवार्ड पाने की होड़ में हैं. इनमें से सात पंचायतों को अगले साल अप्रैल में नेशनल लेवल पर केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित किया जाना है. 2019-20 के लिए नानाजी देशमुख राष्ट्रीय गौरव ग्राम सभा (NDRGGSP), दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार (PSP) के अलावे जीपीडीपी (ग्राम पंचायत विकास प्रोग्राम, GPDP) और चाइल्ड फ्रेंडली ग्राम पंचायत (CFGP) अवार्ड पंचायतों के बीच वितरित किये जायेंगे.
इसमें चाइल्ड फ्रेंडली पंचायत के लिए एक जबकि बाकी के लिए 2-2 अवार्ड दिये जाने हैं. पंचायती राज विभाग ने इसके लिए सभी सेलेक्टेड पंचायतों का स्टेट लेवल फील्ड वेऱिफिकेशन टीम बनायी है. टीम को 2 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट जमा कर देनी है.
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14 जिलों के लिए बनायी गयी है टीम
पंचायती राज विभाग की ओर से राज्य के 14 जिलों के लिए विशेष टीम बनायी गयी है. इसका काम संबंधित जिले की पंचायतों (त्रिस्तरीय) के नेशनल अवार्ड के दावों की वास्तविक स्थिति को परखना है.
खूंटी के लिए राजेश कुमार चौधरी औऱ अरविंद कुमार (के.प्र.सं हेहल, रांची) को जिम्मा मिला है. बोकारो के लिए बुद्धेश्वर उरांव और रामेश्वर सिंह, पश्चिमी सिंहभूम के लिए हरिओम दुबे, आनंद कुमार शर्मा, पूर्वी सिंहभूम के लिए रजनीकांत मिश्र, मनोज कुमार झा, गोड्डा के लिए सुरेंद्र नारायण साह औऱ राजीव कुमार सिन्हा को टास्क मिला है. इसी तरह महेश कुमार राम, रविंद्र कुमार पांडेय (गिरिडीह), भरत कुमार शर्मा औऱ देवेंद्र सिंह (रामगढ़), रामनारायण प्रसाद, एडवर्ड खाखा (हजारीबाग), विनय कुमार श्रीवास्तव, पद्मनाभ रंजन (रांची), रवि शंकर औऱ सुधीर कुमार (जामताड़ा), कुंतिला कुमारी औऱ रंधीर कुमार सिंह (चतरा), विजय कुमार सिंह औऱ दिनेश कुमार (गढ़वा), राजेश कुमार और सदानंद प्रसाद (साहेबगंज) और विजय प्रसाद तथा योगेंद्र प्रसाद को सरायकेला खरसावां जिले की जवाबदेही दी गयी है.
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किस जिले में कौन-कौन सी पंचायतों का दावा
खूंटी- जिला परिषद (PSP), पंचायत समिति, खूंटी के अलावे बामजारा, दुमरगाड़ी, कर्रा, हुसीर पंचायतें अलग-अलग कैटेगरी में जिला स्तर से सेलेक्ट हुई हैं. बोकारो से पंचायत समिति चंदनकियारी के अलावे चपरी, बासगोड़ा, बुंडू पेटरवार जैसी पंचायतों को चुना गया है.
पश्चिमी सिंहभूम से पंचायत समिति नोवामुंडी और बंदगांव के साथ-साथ टेबो, कोलपोटका, बाईहातू पंचायतों को लिया गया है. पूर्वी सिंहभूम में गोलमुरी पंचायत समिति के अलावे घोबनी, फोरेस्ट ब्लॉक मुसाबनी और सरडीहा पंचायतें शामिल हैं.
गोड्डा से वहां की जिला परिषद और पथरगामा की पंचायत समिति को शॉर्टलिस्ट किया गया है. गिरिडीह से बुधुडीह और कपिलो पंचायत तय है. रामगढ़ में दोहाकातू पंचायत को PSP और GPDP के लिए सेलेक्ट किया गया है.
हजारीबाग में पिंडारकोन पंचायत, रांची में जुमुदाग और साहेबगंज से खुटाहारी पंचायत का नाम है. जामताड़ा और सरायकेला खरसावां से वहां की जिला परिषद तथा चतरा (कुन्दा) और गढ़वा (चिनियां) की पंचायत समिति को शामिल किया गया है.
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क्या करेगी जांच टीम
टीम का दायित्व होगा कि जिलों से अलग-अलग कैटेगरी के लिए चुनी गयी पंचायतों की वास्तविकता को देखे. संबंधित जिले में लोकल लेवल पर जांच कर फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट तैयार करे. संबंधित पंचायतों ने औपचारिक तौर पर कितने कागजात, रजिस्टर को मेंटेन किया.
जरूरी शर्तों को पूरा करने में मानकों का कहां तक पालन किया गया. इस रिपोर्ट को केंद्र को भेजा जायेगा. इसके बाद केंद्र से टीम आकर जांच करेगी. अंतिम रूप से पैमाने पर खरे उतरे पंचायतों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जायेगा.
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