
UN : एक नयी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दुनिया में कम से कम दो करोड़ 90 लाख महिलाएं आधुनिक दासता की शिकार हैं. यह जबरन श्रम, जबरदस्ती विवाह, बंधुआ मजदूरी और घरेलू दासता आदि के रूप में मौजूद है.
वॉक फ्री एंटी स्लेवरी ऑर्गनाइजेशन की सह संस्थापक ग्रेस फ्रोरेस ने शुक्रवार को कहा कि इसका मतलब है कि 130 महिलाओं और लड़कियों में से एक आधुनिक दासता की शिकार है और संख्या ऑस्ट्रेलिया की कुल आबादी से अधिक है.
इसे भी पढें : लक्ष्मी बॅाम्ब के ट्रेलर ने तहलका मचाया, भारत में सिर्फ 24 घंटे में मिले 70 मिलियन व्यूज
लोग दासता के वक्त में जी रहे हैं
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हकीकत यह है कि जितने लोग दासता में आज के वक्त में जी रहे हैं उतने मानव इतिहास में कभी नहीं रहे. उन्होंने कहा कि वॉक फ्री आधुनिक दासता की व्याख्या एक व्यक्ति की स्वतंत्रता को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना, जहां एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति का व्यक्तिगत अथवा आर्थिक लाभ के लिए शोषण करता हो’’ के तौर पर करता है.
इसे भी पढें : राहुल गांधी का फिर मोदी पर वार, जवानों को बुलेट प्रूफ वाहन नहीं, पीएम को करोड़ों का हवाई जहाज
30 महिलाओं और लड़कियों में से एक आधुनिक दासता की शिकार
उन्होंने कहा कि वॉक फ्री अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और आव्रजन पर अंतरराष्ट्रीय संगठन द्वारा किये गये कार्यों से यह निष्कर्ष निकला है कि 130 महिलाओं और लड़कियों में से एक आधुनिक दासता की शिकार है. स्टैग्ड ऑड्स रिपोर्ट में कहा गया है कि यौन उत्पीड़न के सभी पीड़ितों में 99 प्रतिशत महिलाएं हैं, जबरदस्ती विवाह के सभी पीड़ितों में 84 प्रतिशत और जबरदस्ती श्रम के सभी पीड़ितों में 58 प्रतिशत महिलाएं हैं.
कहा कि वॉक फ्री और संयुक्त राष्ट्र का एवरी वीमेन एवरी चाइल्ड कार्यक्रम आधुनिक दासता को समाप्त करने के लिए एक वैश्विक अभियान शुरू कर रहा है.
इसे भी पढें : आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा, भारतीय मुसलमान दुनिया में सर्वाधिक संतुष्ट




