
Ranchi: राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाओं की हालत काफी पस्त है. आलम यह है कि राज्य के विभिन्न जिलों में इस योजना के तहत बनने वाली सड़कें बीते 10 साल से अटकी पड़ी हैं. ग्रामीण विकास विभाग के आंकड़े के मुताबिक, राज्य के विभिन्न जिलों में 214 योजनाएं सड़क निर्माण की ऐसी हैं, जो रूक गयी है. गांव में ऐसी सड़कों के निर्माण नहीं होने की बड़ी वजह उग्रवादियों का होना हैं.
सड़क निर्माण का काम उठाये ठेकेदारों के मुताबिक, 150 अधिक सड़क निर्माण की योजनाएं केवल उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र में संचालित हो रही थी. वहीं कई योजनाएं ठेकेदार की लापरवाही की वजह से रुकी हुई हैं.
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2005-06 की योजना भी लटकी
राज्य में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे कई ऐसे प्रोजेक्ट्स हैं, जो पिछले 10 साल से अधिक समय से अटकी हुई हैं. साल 2005-06 में जो सड़क निर्माण कार्य रूका हुआ था, उसे 2007-08 की 12 योजनाओं के साथ जोड़ कर पूरा किया गया है.
ठेकेदारों ने बताया कि उग्रवादियों के हस्तक्षेप होने से उनलोगों ने काम बंद कर दिया.
योजनाओं की स्थिति
2005-06 में 100 योजनाएं स्वीकृत की गयी जिसमें 98 पूरी हुईं पर दो योजनाएं रुक गयी. इसी तरह 2007-08 में 348 योजनाओं की स्वीकृति दी गयी. 336 पूरी हुई, 12 रुक गयी. 2008-09 में 663 योजनाओं को स्वीकृति दी गयी. जिसमें 638 पूरी हुई 25 रुक गयी.
2009-10 में 883 योजनाओं की स्वीकृति दी गयी. 851 पूरी हुईं, 32 रुक गयी. 2011-12 में 518 योजनाओं की स्वीकृति दी गयी. 487 पूरी हुईं. 31 योजनाएं लटक गयी. 2012-13 में 1002 योजनाओं की स्वीकृति दी गयी. 988 पूरा हुआ. 14 योजनाएं अधर में लटक गयीं.
2013-14 में 669 योजनाओं की स्वीकृति दी गयी. 657 पूरी हुईं. 12 योजना रुक गयी. 2016-17 में 1236 योजनाओं को स्वीकृति दी गयी. 1153 पूरी हुईं. 86 योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं.
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