
Ranchi : मोरहाबादी (रांची) स्थित डॉ रामदयाल मुंडा ट्राइबल वेलफेयर रिसर्च इंस्टीट्यूट में 7-9 सितंबर तक देश भर के विख्यात 21 अर्थशास्त्री जुटेंगे. इस दौरान वे धरती आबा बिरसा मुंडा की धरती पर जनजाति समाज के लिए आदर्श अर्थशास्त्र और विकास की अवधारणओं पर चर्चा करेंगे. एक स्थानीय होटल में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीआरआइ निदेशक रणेंद्र ने इस संबंध में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जनजाति समाज के लिए बेहतर आर्थिकी व्यवस्था बनाने को लेकर अर्थशास्त्र के जानकार रांची में जुटेंगे. इस दौरान ट्राइबल इकोऩॉमी को लेकर कई महत्वपूर्ण बातों पर अलग-अलग सत्रों में चर्चा होगी. संभवतः देश भर में पहली बार इस तरह के अनूठे सेमिनार का आयोजन झारखंड में होगा. इससे कई उपयोगी सुझाव निकल कर सामने आने की उम्मीद है. मौके पर सीनियर इकोनॉमिस्ट डॉ जया मेहता, पूर्व वीसी रमेश शरण, कल्पवृक्ष के को फाउंडर आशीष कोठारी सहित कई अन्य भी उपस्थित थे.
इस तरह से होंगे सत्र
7 सितंबर को उद्घाटन कार्यक्रम के अलावा तीन अहम सत्र होंगे. 8 सितंबर को भी ट्राइबल इकोऩॉमी प्लान से संबंधित 3 सत्र आयोजित होंगे. अंतिम दिन भी समापन समारोह के अलावे तीन सत्र का आयोजन होगा. ट्राइबल, एग्रीकल्चर और मार्केट, ट्राइबल्स और रोजगार, ट्राइबल समाज में खाद्य सुरक्षा, भूख, सुखाड़, रोजगार और असमानता के परिणाम सहित ऐसे ही कई मुद्दों पर चर्चा होगी.
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